मारुति सुजुकी का अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मुनाफा 4% बढ़ा:रेवेन्यू 29% बढ़कर ₹49,891 करोड़ रहा, कंपनी ने तीन महीने में 6.67 लाख कारें बेचीं

ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 49,891 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 29% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 38,752 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.67 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,794 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से 4% ज्यादा है। पिछले साल कंपनी को 3,659 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। रेवेन्यू 29% बढ़कर ₹49,891 करोड़ रहा तीसरी तिमाही में कंपनी को प्रोडक्ट और सर्विस बेचकर 49,891 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू हासिल हुआ। सालाना आधार पर यह 29% बढ़ा है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 में कंपनी ने 38,752 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। तीसरी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री 18% बढ़ी तीसरी तिमाही में मारुति सुजुकी ने कुल 6,67,769 गाड़ियां बेचीं। घरेलू मार्केट में कंपनी की सेल इस दौरान 20.9% बढ़ी कम रही, जबकि एक्सपोर्ट 3.9% ज्यादा रहा। इसके चलते कंपनी की सालाना आधार पर ओवरऑल सेल्स ग्रोथ 18% रही। डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी ने 5,64,669 गाड़ियां बेचीं, जबकि 1,03,100 गाड़ियों को एक्सपोर्ट किया। मारुति का शेयर एक साल में 23% चढ़ा तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद मारुति सुजुकी का शेयर आज 1.93% गिरकर 14,951 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते 6 महीने में कंपनी के शेयर ने 21% रिटर्न दिया है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 11% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 23% चढ़ा है। मारुति सुजुकी का मार्केट कैप 4.7 लाख करोड़ रुपए है। 1982 में बनी थी मारुति सुजुकी इंडिया मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 को भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के लिए सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में करीब 3 करोड़ गाड़ियां बेच चुकी है।

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