मुरैना के गंज रामपुर में हुए लोकेंद्र शर्मा हत्याकांड के आरोपी राजवीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को दिए बयान में राजवीर ने बताया कि घटना वाले दिन लोकेंद्र, उसके दोनों चाचा और उनके बेटे ने हमें हमारे घर पर आकर घेर लिया था। अगर हम गोली नहीं चलाते, तो वे चारों मिलकर हमें मार डालते, हमें मजबूरी में गोली चलानी पड़ी, लेकिन यह नहीं जानती थे कि लोकेंद्र की जान चली जाएगी। बता दें कि आरोपी राजवीर के इस बयान के बाद अब इस हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। राजवीर ने पुलिस को यह भी बताया कि घटना वाले दिन उसके पिता और उसके साथ भी मारपीट की गई थी। उसके पिता के सिर में लोकेंद्र के चाचा रामप्रकाश ने सबसे पहले सब्बलिया मारी थी। उनके सिर से जब खून बहने लगा तो हमने लोकेंद्र के पिता जगदीश पर फरसे से वार किया था। इसके बाद हम मौके से अपने घर भाग आए थे। लोकेंद्र व उसके दोनों चाचा राम प्रकाश व अवधेश शर्मा, रामप्रकाश का बेटा बृजेश शर्मा और स्वयं लोकेंद्र ने हमें हमारे घर आकर हमको घेर लिया था। हमारी पत्नी ने उनको रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उसको तेजी से धक्का मारा, जिससे उसके चोट आई है। 28 बिस्वा जमीन खरीदी थी भरत शर्मा से
राजवीर तीन भाई हैं। पहले राजवीर, दूसरा भरत तथा तीसरा त्रिलो की शर्मा। राजवीर तथा मृतक लोकेंद्र शर्मा ने मिलकर भरत से 28 बिस्वा जमीन खरीदी थी। दोनों के हिस्से में 14-14 विश्वा जमीन आई थी। दोनों ने यह जमीन मकान बनाने के लिए खरीदी थी। दोनों ने जमीन का सीमांकन कराया और बीच में पतली सी मेढ़ बनाते हुए, मुडि्डया गाड़ दी थीं। घटना वाले दिन सुबह के 9 बजे का समय था। राजवीर अपने पिता राजाराम के साथ खेत की मेढ़ पर गया। उसने देखा कि मेढ़ की मुडि्डयां उखड़ी हुई है। यह देखकर उसने तुरंत जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास के लोग एकत्रित हो गए। सूचना लोकेंद्र के पिता जगदीश शर्मा तथा उसके चाचा राम प्रकाश शर्मा को मिली। दोनों तत्काल आधे घंटे के अंदर मौके पर पहुंचे। वहां जाकर देखा तो लोकेंद्र के चाचा राम प्रकाश ने कहा कि क्यों चिल्ला रहे हो। जब राजवीर ने कहा कि यह मुडि्डया किसने उखाड़ी तो रामप्रकाश ने उसको गलियां देना शुरू कर दिया। दोनों में बहस होने लगी, इसी बीच राम प्रकाश ने पास में पड़ी एक सब्बल उठाई और राजवीर के सर में मार दी। राजवीर के पास में फरसा था, उसने फरसे का वार जगदीश के सिर पर किया। जिससे जगदीश के सर में गंभीर चोट आई। उसका पूरे शरीर खून से भीग गया। जगदीश के सिर से खून बहते देख राजवीर घबरा गया और वहां से भाग कर अपने घर जा पहुंचा। लोकेंद्र, उसके दोनों चाचा और भाई ने घेरा उसे
घटना के तत्काल बाद लोकेंद्र, रामप्रकाश, राम प्रकाश का बेटा बृजेश तथा लोकेंद्र का तीसरे नंबर का चाचा अवधेश शर्मा, चारों राजवीर के घर पर पहुंचे। उन्होंने राजवीर के दरवाजे पर जाकर उसको ललकारा। ललकार सुनकर राजवीर अपने घर की छत पर जा पहुंचा। राजवीर की पत्नी ने उन चारों को रोकने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। उस वक्त राजवीर के बताए अनुसार वह अकेला था। जब उसने देखा कि अब वह नहीं बच सकेगा तो उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक से लोकेंद्र पर दो फायर किए। इस फायर से लोकेश के सीने में बाई तरफ एक गोली जा लगी। दूसरा फायर किया तो दूसरी गोली भी उसको जा लगी। लगातार दो गोलियां लगने से लोकेंद्र राजवीर के दरवाजे पर ही गिर पड़ा। जहां अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। पिता का खून देखकर, आग बबूला हो गया था लोकेंद्र
इस घटना में सबसे अहम बात जो सामने आई है वह यह है कि जैसे ही लोकेंद्र ने अपने पिता जगदीश का सिर फटा हुआ देखा, तो वह अपना आपा खो बैठा। अपने पिता का खून देखकर वह आग बबूला हो उठा और बिना सोचे समझे राजवीर के घर पर जा पहुंचा। पुलिस के मुताबिक अगर लोकेंद्र अपने दोनों चाचा एवं चचेरे भाई बृजेश के साथ आरोपी राजवीर के घर पर नहीं जाता तो इतनी बड़ी घटना घटित होने से बच सकती थी। पुलिस के मुताबिक भले ही राजवीर ने लोकेंद्र की हत्या की है, लेकिन न्यायालय में राजवीर को इस बात का लाभ मिल जाएगा, जब वह यह प्रमाणित कर देगा कि उसने अपनी आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई थी, अगर वह गोली नहीं चलाता तो वह लोग उसकी हत्या कर देते। विधवा पत्नी और 1 साल का बेटा हुआ यतीम
लोकेंद्र की शादी 3 साल पहले ही हुई थी। उसके 1 साल का बेटा है। लोकेंद्र अपने पिता जगदीश शर्मा के अकेला बेटा था। लोकेंद्र व राजवीर शर्मा दोनों ने मिलकर भरत शर्मा से मकान बनाने के लिए 28 विश्वा जमीन खरीदी थी। इस जमीन को खरीदने के पीछे दोनों की मंशा मकान बनाने की थी। अब, इस घटना के बाद दोनों के घर उजड़ गए। लोकेंद्र की मौत हो गई और राजवीर अब जेल चला जाएगा। तीन भाइयों में दो के बेटे, एक के दो बेटियां
लोकेंद्र के पिता जगदीश शर्मा तीन भाई हैं। सबसे बड़े जगदीश शर्मा है। उनसे छोटी राम प्रकाश शर्मा जिन्होंने लड़ाई शुरू की तथा तीसरे नंबर के अवधेश शर्मा। जगदीश शर्मा के एकमात्र पिता लोकेंद्र शर्मा था, जिसकी मौत हो चुकी है। राम प्रकाश शर्मा के एक बेटा बृजेश शर्मा है। तीसरी भाई अवधेश शर्मा के केवल दो बेटियां हैं। इस प्रकार अब तीनों भाइयों के बीच में केवल एक लड़का बृजेश शर्मा बचा है। आरोपी राजवीर शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसका मेडिकल कराया गया है। उसके सिर में चोट के निशान है। राजगीर की पत्नी के भी चोट के निशान है। मंगलवार को पुलिस आरोपी राजवीर को न्यायालय के सामने पेश करेगी। स्टेशन रोड थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि आरोपी राजवीर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसको नहर के किनारे से गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार को न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा।


