पटवारियों पर राजस्व वसूली का दबाव डालने के खिलाफ प्रांतीय पटवारी संघ ने कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मांग की है कि पटवारियों पर वसूली का दबाव न बनाया जाए, क्योंकि यह उनका मूल काम नहीं है। जिलेभर के पटवारी कलेक्ट्रेट के गेट पर एकत्रित हुए और रैली के रूप में कार्यालय पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया। संघ के जिलाध्यक्ष पटवारी महेंद्र किरार ने बताया कि वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा राजस्व वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इसमें राजस्व अधिकारियों ने प्रत्येक पटवारी को 2 से 5 लाख रुपए की वसूली का लक्ष्य दिया है। पटवारी अतिक्रमण रिपोर्ट और कारण बताओ सूचना पत्र तैयार कर अतिक्रमण करने वालों को व्यक्तिगत रूप से तामील भी करा रहे हैं। फसल खराब, पैसे नहीं तो अभद्रता कर रहे किसान महेंद्र किरार ने बताया कि गांव-गांव जाकर वसूली कैंप आयोजित कर प्रतिदिन राजस्व वसूली कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन समीक्षा बैठक कर अधिक राशि की वसूली करने का अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है। इस वर्ष खरीफ की फसल नष्ट हो गई है, जिससे किसानों के पास भुगतान के लिए राशि का अभाव है। इस कारण कई गांवों में वसूली के दौरान किसानों द्वारा पटवारी से अभद्रता की गई है। चांचौड़ा में पटवारी से छीनी बाइक की चाबी चांचौड़ा तहसील के नेत्याखेडी गांव में एक घटना सामने आई है, जहां नोटिस बांटने गए पटवारी से किसानों ने बदसलूकी की और उसकी बाइक की चाबी छीन ली। ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि पटवारियों पर राजस्व वसूली का अनावश्यक दबाव न बनाया जाए। अभी 2 महीने बाकी, कम रकबे में ज्यादा टारगेट गलत संघ का कहना है कि राजस्व वर्ष के समाप्त होने में अभी भी दो माह शेष हैं। जिन गांवों में शासकीय भूमि का रकबा कम है, वहां भी वसूली के लिए अधिक टारगेट दिया जा रहा है, जो कि उचित नहीं है।


