चार जनों ने मिलकर एक युवक की गर्दन को धड़ से अलग कर बॉडी को दूर ले जाकर फेंकने के मामले में एडीजे कोर्ट नंबर दो ने दो आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई। वहीं तीसरे आरोपी की मौत हो चुकी है। चौथा मुख्य आरोपी फरार है। यह मामला 5 दिसंबर 2020 का है। अलवर शहर के मुल्तान नगर निवासी फिरोज पुत्र अख्तर हुसैन (22) का सिर कटी बॉडी मन्नाका रोड पर महिला हॉस्टल के पास पड़ी मिली थी। जिसका सिर पूरी तरह से धड़ से अलग था। मृतक फिरोज के भाई के मुकदमा दर्ज कराने के बाद पुलिस ने तीन जनों को गिरफ्तार किया था। हत्या में चार मुख्य आरोपी थे। जिनमें हनी उर्फ रवि पुत्र बूटा सिंह डाबली गोविंदगढ़, मुल्तान नगर, बलजीत सिंह पुत्र मुख्तयार सिंह बारोली गोविंदगढ़ हाल मुल्तान नगर, जसविंद उर्फ संटी पुत्र सरबजीत निवासी बांदोली रामगढ़ हाल राम नगर व गुरजीत सिंह उर्फ बिल्ला पुत्र चरणजीत उर्फ सरबजीत निवासी डाबरी गोविंदगढ़ हाल सूर्य नगर का हैं। विशिष्ट लोक अभियोजक ने बताया कि 32 साक्ष्य व अन्य गवाहों के बाद कोर्ट ने हनी व बलजीत को उम्र कैद की सजा सुनाई है। मुख्य आरोपी जसवीर सिंह उर्फ संटी पुत्र सरबजीत निवासी बांदोली रामगढ़ हाल निवासी 60 फुट रोड एनईबी फरार है। वहीं एक आरोपी गुरजीत सिंह उर्फ बिल्ला की मौत हो चुकी है। फिरोज को पहले पीटा, फिर सूर्य नगर के फ्लैट में ले गए विशिष्ठ लोक अभियोक राकेश कुमार ने बताया कि फिरोज को पहले चारों जनों ने सूर्य नगर में पीटा है। वह बेहोश हो गया। उसके बाद सूर्य नगर के खंडहर फ्लैट में ले गए। वहां चारों ने मिलकर फिरोज की गर्दन को धड़ से अलग कर दी। धारदार हथियार से पूरी गर्दन ही काट दी। बाद में शव को बोरे में भरकर लेकर आए और मन्नाका के पास महिला हाॅस्टल के पास फेंक गए। इस मामले में एडीजे कोर्ट नंबर दो की जज रिदिमा शर्मा ने ऐसे जघन्य अपराध के मामले में कोई रियायत नहीं बरतने की बात कहते हुए दोनों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।


