चार दिन पहले सलूंबर से करीब 21 किलोमीटर दूर सराड़ी गांव में पिंजरे में आए लेपर्ड के दो शावकों को अब उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलोजिकल पार्क लेकर आ गए है। दोनों शावकों को अब यहीं डॉक्टरों की निगरानी में बड़ा किया जाएगा। दोनों लेपर्ड की मां का पास ही पिंजरा लगवाकर कर इंतजार किया गया था कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आया तो इनको बायो पार्क उदयपुर लेकर आ गए। एक फरवरी की सुबह को सराड़ी गांव के इलाके में मंदिर के पास लगाए एक पिंजरे में दो शावक लेपर्ड आ गए। वन विभाग की टीम का मानना था कि दोनों शावक लेपर्ड अपने मां से नहीं बिछड़े इसलिए उन्होंने उसी पिंजरे के पास एक और पिंजरा लगाया। करीब 60 घंटे इंतजार के बाद भी पास वाले पिंजरे में शावक लेपर्ड की मां नहीं आई। इसके बाद में दोनों लेपर्ड शावक को उदयपुर शहर में स्थित सज्जनगढ़ बायोपार्क ले आए। दोनों की उम्र करीब 4 माह है। अब पार्क में इनकी देखभाल की जा रही है। डॉक्टरों की टीम इनके सेहत की लगातार जांच कर रही है। यहां बायो पार्क में दोनों को अलग-अलग कैज में रखा गया है। एक केयरटेकर उनकी देखरेख कर रहा है। दोनों को यहीं बड़ा किया जाएगा। यह खबर भी पढ़े… पिंजरे में आए लेपर्ड के दो शावक:अब इनकी मां का इंतजार, अलग-अलग जगह लगा रहे पिंजरा


