भरतपुर में नई आबकारी नीति का विरोध:शराब दुकानों में पुलिस के हस्तक्षेप से ठेकेदार नाराज, आबकारी विभाग के बाहर गेट बंद कर किया प्रदर्शन

भरतपुर में शराब के ठेकेदारों ने नई आबकारी नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया। नई आबकारी नीति के विरोध में शराब के ठेकेदारों ने सुबह 10 बजे दोपहर 12 बजे तक शराब की दुकानें बंद भी रखी। साथ ही आबकारी आयुक्त और मुख्यमंत्री के नाम डीओ को ज्ञापन सौंपा। सभी ठेकेदारों में नई आबकारी नीति और शराब की दुकानों में पुलिस के हस्तक्षेप से काफी रोष है। शराब ठेकेदार संजू ने बताया कि 15 दिसंबर 2024 को प्रदेश के सभी शराब ठेकेदारों ने एक महाकुंभ का आयोजन किया था। नई आबकारी नीति के खिलाफ सीएम और आबकारी आयुक्त को ज्ञापन दिया गया। लेकिन उस पर किसी ने गौर नहीं किया। उसी को लेकर आज 2 घंटे के लिए शराब की दुकानें बंद रखी। हमारी मांग है शराब की दुकानों का समय सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक किया जाए। दुकानों पर पुलिस का हस्तक्षेप बहुत ज्यादा है उसे खत्म किया जाए। क्लस्टर प्रणाली को खत्म किया जाए। क्लस्टर प्रणाली से पैसे वाला व्यक्ति और भी पैसे वाला हो जाएगा और गरीब व्यक्ति खत्म हो जाएगा। गारंटी का प्रेशर कम किया जाए। क्योंकि आबकारी विभाग ने बहुत ज्यादा गारंटी बढ़ा दी हैं। जो पुरानी पेनल्टी कोरोना काल से चली आ रहीं हैं, उन्हें खत्म किया जाए। वर्तमान गारंटी पर सभी दुकानों को रिनुवल किया जाए। एक तरफ सरकार कहती है शराब को लोगों के लिए कम पिलाओ। दूसरी तरफ सरकार हर 10 साल प्रतिशत गारंटी बढ़ा रही है। शराब दुकान के ठेकेदार खेम चंद शर्मा ने बताया कि क्लस्टर नीति बीजेपी सरकार ने खत्म की थी। क्लस्टर नीति में बड़े लोग पूरे जिले में शराब का एक ठेका के लेते हैं। उसके बाद जगह-जगह छोटे छोटे लोगों को वह लोग ठेके देते हैं। इसमें बड़े लोगों का एकाधिकार हो जाता था। इस समय भरतपुर के हजारों लोग इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। अब सरकार कलस्टर नीति लाना चाहती है।

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