अजमेर में आचार्य विद्यासागर महाराज के प्रथम समाधि दिवस के अवसर पर 6 फरवरी को कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन गुरु गुणानुवाद महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान शहर में दो गौरव यात्राएं निकाली जाएंगी, जो कीर्ति स्तंभ पर एकत्रित होंगी। इसके बाद भागचंद की कोठी पर विशेष धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा। हजारों श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेंगे। दो गौरव यात्राएं होंगी आकर्षण का केंद्र कार्यक्रम की शुरुआत सुबह कैसरगंज जैन मंदिर और पार्श्वनाथ कॉलोनी, वैशाली नगर से गौरव यात्राओं के साथ होगी। पहली गौरव यात्रा उपाध्याय वृषभानंदजी महाराज के सान्निध्य में कैसरगंज जैन मंदिर से निकलेगी, जबकि दूसरी गौरव यात्रा मुनि निरज सागर महाराज और निर्मदसागर महाराज के सान्निध्य में पार्श्वनाथ कॉलोनी, वैशाली नगर से निकाली जाएगी। दोनों गौरव यात्राएं रथों और श्रद्धालुओं के समूह के साथ कीर्ति स्तंभ पहुंचेंगी, जहां उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। श्रद्धालु पूरे मार्ग में जयकारों और भजनों के माध्यम से गुरु का गुणानुवाद करेंगे। भागचंद सोनी का रथ मुख्य आकर्षण गौरव यात्रा का मुख्य आकर्षण सेठ भागचंद सोनी का भव्य रथ रहेगा। इसे विशेष रूप से सजाया गया है और यह यात्रा में केंद्र बिंदु होगा। दोनों यात्राओं में सैकड़ों श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे। पुरुष और महिलाएं धार्मिक झंडे और फूलों से सजे रथों के साथ पूरे जोश के साथ यात्रा करेंगे। धर्मसभा में गुरु की शिक्षाओं पर होगा प्रकाश गौरव यात्राओं के समापन के बाद भागचंद की कोठी पर एक विशेष धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन, उनके उपदेशों और उनके त्यागमय जीवन पर चर्चा की जाएगी। मुनि निरजसागर महाराज, निर्मदसागर महाराज और अन्य संत श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। धर्मसभा में आचार्यश्री के अनुयायी, जैन समाज के गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। भव्यता और श्रद्धा का अनूठा संगम गौरव यात्रा और धर्मसभा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होने की संभावना है। आयोजन समिति ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन और संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना है। उनकी शिक्षाएं समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक हैं। इस मौके पर कई धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। शहर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए गए हैं। गौरव यात्राओं के मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती रहेगी। स्वयंसेवकों की टीम यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी। आचार्य विद्यासागर महाराज ने अपने तप, त्याग और धर्म के प्रचार-प्रसार से समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई। उनके समाधि दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम उनकी स्मृतियों को समर्पित होगा। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए न केवल आस्था का केंद्र होगा, बल्कि समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा।


