एमपी में शुरु किए गए तीन विश्वविद्यालयों को सीएम डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय नायकों को समर्पित बताया। सीएम ने अपने X हैंडल से पोस्ट कर तात्या टोपे और रानी अवंती बाई लोधी को भी जनजातीय नायक बताया। इस पर आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने ऐतराज जताया है। सबसे पहले सीएम का ट्वीट पढ़िए.. जनजातीय नायकों की स्मृति में तीन नए विश्वविद्यालयों क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगोन, क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय गुना एवं रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय सागर की स्थापना की गई है। शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। परिणाम स्वरूप नामांकन में 21 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है… pic.twitter.com/uT36kHHk4G— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 26, 2026
कांग्रेस ने कहा- गैर आदिवासी नायकों के नाम पर जनजातीय स्मृति गढ़ी जा रही
आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और झाबुआ से कांग्रेस विधायक डॉ विक्रांत भूरिया ने सीएम के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा- इतिहास का सम्मान जरूरी है, खिलवाड़ नहीं।तात्या टोपे मराठा थे , आदिवासी नहीं।रानी अवंतीबाई लोधी , लोधी (OBC) समाज से थीं, आदिवासी नहीं।गैर-आदिवासी नायकों के नाम पर “जनजातीय स्मृति” गढ़ना आदिवासी पहचान और इतिहास दोनों की अनदेखी है।अगर सरकार सच में आदिवासियों को सम्मान देना चाहती है, तो बिरसा मुंडा, भीमा नायक, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती जैसे असली जनजातीय नायकों को सामने लाए। प्रचार नहीं, ऐतिहासिक ईमानदारी चाहिए।… https://t.co/oYbsbMeRKx— Dr.Vikrant Bhuria (@VikrantBhuria) January 27, 2026


