ब्यावर क्षेत्र के अतितमण्ड गांव में मंगलवार को खनन विभाग की टीम पर हमले के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। बुधवार सुबह 12 बजे से जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर सैकड़ों ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। ब्यावर जिला सरपंच संघ ने भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है, जिसमें 24 घंटे के भीतर निर्वतमान सरपंच को रिहा नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। धरनार्थी निर्वतमान सरपंच दुष्यन्त सिंह की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही, वे ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज कथित झूठे मुकदमों को वापस लेने और साकेत नगर थानाधिकारी जितेंद्र फौजदार को तत्काल निलंबित करने की भी मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खनन विभाग और माइंस अलॉटमेंट धारकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों की मिलीभगत से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाया जा रहा है और झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर ब्यावर नगर परिषद के सभापति नरेश कन्नोजिया के नेतृत्व में पंचायत समिति जवाजा के सरपंच संघ अध्यक्ष महिपाल सिंह चौहान सहित कई सरपंचों ने एकजुट होकर प्रशासन से मांग की है कि सरपंच दुष्यंत सिंह को तत्काल राहत दी जाए, उनके विरुद्ध दर्ज झूठे मुकदमे को रद्द किया जाए और दोषी पुलिस व माइनिंग विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जाए।
इस दौरान पदम सिंह, आनंद सिंह, ब्रजपाल सिंह रावत, पानी देवी, लीला देवी, राजेन्द्र सिंह पंवार, सुमित्रा चौहान, लक्ष्मी देवी, पृथ्वीपाल सिंह, बदामी, प्रवीण सिंह रावत, सुमन देवी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मौजूद रहे।


