केजरीवाल ने दिल्ली को बनाया भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला:भीलवाड़ा में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह बोले- इस बार दिल्ली में आम आदमी पार्टी का होगा सफाया

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने भीलवाड़ा पहुंचे। यहां पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का चाल,चरित्र और चेहरा तीनों को पहचान लिया है। वे दिल्ली चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर जमकर बरसे। शेखावत मंगलवार को भीलवाड़ा में सीताराम सत्संग ट्रस्ट द्वारा 10 करोड़ की लागत से निर्मित धर्मशाला के लोकार्पण के अवसर पर भीलवाड़ा आए थे। इस दौरान प्रेस वार्ता में उन्होंने दिल्ली चुनाव के सवाल पर केजरीवाल सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो आदमी मफलर ओढ़ के छींकते-खांसते आया था और यह कहता था कि मैं राजनीतिक दल नहीं बनाऊंगा, सिर्फ भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलन खड़ा कर रहे हैं हम लोग, उसने अन्ना हजारे को धोखा दिया राजनीति पार्टी बनाई। फिर बोला हम राजनीतिक पार्टी तो बना रहे हम चुनाव नहीं लड़ेंगे फिर चुनाव लड़ा, फिर कहा चुनाव बहुमत नहीं मिला तो किसी के साथ समझौता नहीं करूंगा। कांग्रेस से मेरी बहुत बड़ी लड़ाई है ,कांग्रेस के साथ समझौता करके मुख्यमंत्री बने और जो ईमानदारी का चोगा पहन कर आए थे। उन्होंने भ्रष्टाचार पर भ्रष्टाचार करके दिल्ली को भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बना डाला। दिल्ली की जनता उन्हें पहचान चुकी है, जान चुकी है। अब की बार संपूर्ण सफाया आम आदमी पार्टी का होने वाला है। यह जो बयान आ रहे हैं ये बौखलाहट और खिसियाहट के चलते आ रहे हैं। ईआरसीपी बनाना गमछा हिलाना नहीं ईआरसीपी से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुझे डोटासरा साहब की समझ पर तरस आता है क्योंकि ईआरसीपी बनाना गमछा हिलाने जैसा काम नहीं है, यह टेक्निकल काम है और आज अगर ईआरसीपी 5 साल लेट हुई है तो उसमें गोविंद सिंह डोटासरा की पार्टी और उनके मुखिया अशोक गहलोत साहब उसके प्राथमिक और पूर्ण रूप से दोषी हैं। 5 साल तक निरंतर मेरे आग्रह के बावजूद भी बार-बार प्रयास के बावजूद भी उन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस ईआरसीपी को लटकाने भटकाने और अटकाने का कार्य किया है। उनकी सरकार जाने के 15 दिन बाद दोनों राज्यों के बीच जो ईआरसीपी समझौता हो सकता था क्या वो समझौता 5 साल पहले नहीं हो सकता था। जिन्होंने पाप किया है , मैं तो यह कहूंगा कि गोविंद सिंह डोटासरा साहब और उनकी पूरी कैबिनेट को जो इस पाप के सहभागी थे। वापस उनको जाकर के कुंभ में स्नान करना चाहिए, कुछ मुक्ति मिल जाएगी। धर्मांतरण का हर व्यक्ति करे विरोध धर्मांतरण के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत में लोभ, लालच और दबाव इन तीनों के माध्यम से धर्मांतरण होता है तो उसके लिए देश हर सनातनी को, हर भारतवासी को जो है किसी भी धर्म से आस्था रखता हो चाहे वो किसी भी पूजा पद्धति से सरोकार रखता हो चाहे वो किसी भी मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर जाता हो, उसको इसका विरोध करना चाहिए और आने वाले कानून का स्वागत करना चाहिए। इससे पूर्व उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि निरंतर लोकजनहितार्थ के काम करने वाले सीताराम सत्संग भवन ट्रस्ट द्वारा महात्मा गांधी अस्पताल के इस परिसर में जो 50 साल पहले पुरानी धर्मशाला पहले ट्रस्ट ने निर्मित की थी, उसके जीर्ण-शीर्ण होने के बाद में नए सिरे से धर्मशाला को 10 करोड रुपए खर्च करके दोबारा बनाई है। इससे अस्पताल में आने वाले मरीजों के परिजनों राहत मिलेगी।

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