साध्वी बोलीं- हिन्दू को मुसलमान बनाने 148 संस्थाएं एक्टिव:अन्नपूर्णा गिरि ने कहा- जो वंदे मातरम का गायक नहीं है, वह भारत में रहने लायक नहीं

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर स्टेडियम ग्राउंड में हिंदू सम्मेलन बुधवार को आयोजित किया गया। धर्मसभा में उज्जैन के निरंजनी अखाड़ा की 1008 महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा गिरि (साध्वी वर्षा नागर) ने उद्बोधन में हिंदू समाज को चेताया। उन्होंने कहा कि जब-जब हिंदू जागा है, तब-तब दुश्मन डरकर भागा है। भारत के हिंदुओं को मुसलमान बनाने के लिए 148 से ज्यादा संस्थाएं सक्रिय हैं, जबकि पिछले सौ वर्षों से केवल एक संगठन – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – हिंदुओं को हिंदू बनाए रखने का कार्य कर रहा है।” महामंडलेश्वर ने कहा कि हिंदू डरकर नहीं बैठता। हिंदू तलवार की धार से नहीं डरता, भाले से नहीं डरता। अगर डरता है, तो केवल इस बात से कि उसकी बाइक के पहिए के नीचे गिलहरी मर जाएगी। हम ऐसे लोग हैं जो किसी को पीड़ा नहीं देते, लेकिन जो हमें छेड़े, उसे छोड़ते नहीं। उन्होंने आगे कहा कि जो वंदे मातरम का गायक नहीं है, वह भारत में रहने लायक नहीं। उन्होंने कहा हमारे मंदिरों पर भगवा ध्वज लगे हैं, यह हमें राम ने सिखाया है। जरूरत पड़ने पर शबरी के झूठे बेर भी खाए जाते हैं, केवट की नाव में बैठते हैं, लेकिन रावण के सामने धनुष उठाना भी जानते हैं। इस देश में शस्त्र और शास्त्र हिंदुओं की रक्षा का सबसे बड़ा आधार हैं। महामंडलेश्वर ने बच्चों और युवाओं पर जोर देते हुए कहा कि आज बच्चों को आईपीएल, फिल्मों और हीरो-हीरोइन की जानकारी है, लेकिन अगर उन्हें महाराणा प्रताप का इतिहास या हनुमान चालीसा नहीं पता, तो हिंदू खतरे में है। अब तलवार का जवाब संस्कार से दिया जाएगा। उन्होंने मंदिर केवल बनाने का विषय नहीं है, उन्हें बचाने के लिए बच्चों को तैयार करना होगा। पापा की परियां नहीं, अपनी बेटियां शेरनियां बनें। तब हिंदू का संरक्षण होगा।” उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए नालंदा जलाए जाने, सोमनाथ तोड़े जाने और मथुरा पर हुए हमलों का उल्लेख किया और कहा कि “तुम मंदिर तोड़ सकते हो, विश्वविद्यालय जला सकते हो, लेकिन हमारी सभ्यता और संस्कृति कभी मिट नहीं सकती।” धर्मसभा में उपस्थित लोगों ने उनके शब्दों को तालियों और जयकारों से सराहा। महामंडलेश्वर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि हिंदू समाज चेतना, संस्कार और संगठन के बल पर सुरक्षित रहेगा, और आने वाली पीढ़ी को धर्म, इतिहास और संस्कृति से जोड़कर मजबूत किया जाएगा।

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