प्लेन हादसे में जान गंवाने वाली को-पायलट कैप्टन शाम्भवी पाठक ग्वालियर की रहने वालीं थी। बसंत विहार कॉलोनी में उनकी दादी मीरा पाठक रहती हैं। दादी ने बताया ‘बुधवार सुबह 6:34 बजे शांभवी का वाॅट्सएप पर मैसेज आया था- गुड मॉर्निंग दद्दा…। मैं खुश हो गई थी। लगा कई महीनों बाद उसने मुझे याद किया। क्या पता था कि सवा दो घंटे बाद वह हमें हमेशा के लिए छोड़कर चली जाएगी।’ शाम्भवी की शुरुआती ने शुरुआती शिक्षा एयरफोर्स स्कूल ग्वालियर से प्राप्त की थी। दादी मीरा बताती हैं कि शांभवी उन्हें प्यार से ‘दद्दा’ कहती थी और वह उसे ‘चीनी’ बुलाती थीं। उन्हाेंने रूंधे गले से कहा- मेरी पोती ने आसमान छू लिया, लेकिन बहुत जल्दी चली गई। विश्वास ही नहीं हो रहा। शांभवी के पिता एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन रह चुके हैं। दादा एसके पाठक विंग कमांडर थे।


