जांच के दौरान सामने आया कि एक अज्ञात जेल के बाहर आया। जिसने आरोपी को टावर पर ड्यूटी के दौरान फोन दिए। फिर तीनों मोबाइल फोन होमगार्ड कर्मचारी विशाल कुमार द्वारा जेल के अंदर फेंके गए थे। जब जेल अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने पहले इस बात से इनकार कर दिया। लेकिन, सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसे एक फोन कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उससे कहा था कि वह बाहर से फेंके गए सामान को रिसीव कर हवालातियों की बैरक के अंदर फेंक दे। इसके बदले उसे 5 हजार रुपए देने का लालच दिया गया था। आरोपी ने यह भी बताया कि उसे नहीं पता कि फोन पर बात करने वाला व्यक्ति कौन था। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे कॉल करने वाला व्यक्ति कौन था और इसके पीछे कौन सा गिरोह काम कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ जेल में दो अन्य कैदियों के पास भी मोबाइल फोन मिलने का मामला सामने आया है। ये मोबाइल करीब एक महीने पहले बरामद किए गए थे। जेल प्रशासन ने अपनी आंतरिक जांच पूरी करने के बाद अब थाना डिवीजन-7 पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने कैदी लव गिल और करनवीर सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। भास्कर न्यूज|लुधियाना केंद्रीय जेल में सेंधमारी कर कैदियों तक मोबाइल पहुंचाने के मामले में जेल में तैनात एक होमगार्ड कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को किसी अज्ञात ने जेल के बहार से सामान फेंक कर पकड़ाया। जिसके बाद आरोपी ने जेल के अंदर सामान को पहुंचाया। आरोपी की पहचान विशाल कुमार पुत्र प्रेम लाल निवासी जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना डिवीजन-7 में मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी गुरदयाल सिंह ने बताया कि डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल सुरजीत सिंह की शिकायत पर यह केस दर्ज हुआ है। शिकायत के अनुसार आरोपी की ड्यूटी जेल के टावर पर लगी हुई थी। 27 जनवरी की सुबह करीब 7:40 बजे वार्ड-02 की बैरक में बाहर की तरफ से एक सूट फेंका गया था। जब जेल स्टाफ ने सूट की जांच की तो उसके अंदर से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए।


