उज्जैन में आंधी, पानी और ओले से फसल बर्बाद होने के कारण बुधवार सुबह 30 साल के किसान ने आत्महत्या कर ली। उनका शव खेत में फांसी के फंदे पर मिला। फांसी लगाने से पहले किसान ने खराब फसल के वीडियो के साथ तड़प-तड़प के इस दिल से आह निकलती रही, मुझको सजा दी प्यार की, ऐसा क्या गुनाह किया… गाने का वॉट्सएप स्टेटस लगाया था। पुलिस के अनुसार, मृत किसान का नाम पंकज मालवीय था। वह तराना तहसील के खेड़ा जामुनिया गांव में रहते थे। उन्होंने करीब 6 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल लगाई थी, जो नष्ट हो गई। फसल खराब होने से पंकज काफी परेशान थे। वे मंगलवार रात घर नहीं लौट। सुबह जब परिवार के लोग खेत पहुंचे तो उसका शव मिला। पंकज के परिवार में मां, पत्नी, दो छोटे बच्चे 8 वर्षीय बेटा और 5 वर्षीय बेटी है। उसकी दो बहनें हैं। इनमें से एक की अप्रैल में शादी होने वाली है। पिता की मौत हो चुकी है। पंकज के पिता की मौत हो चुकी है। वह घर में अकेला कमाने वाला था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। दो दिन पहले सगाई की, अप्रैल में होनी है बहन की शादी
मृतक के समधी ईश्वर लाल परमार ने बताया कि दो दिन पहले पंकज की बहन की सगाई हुई थी और अप्रैल में शादी होने वाली थी। पंकज शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। ईश्वर लाल के अनुसार, ओलावृष्टि के बाद शाम करीब 7 बजे पंकज ने उन्हें फोन किया था। उसने फसल बर्बाद होने के कारण बहन की शादी को लेकर चिंता जताई। कहा कि अब शादी कैसे हो पाएगी, जबकि बयाना भी दे चुका है। उन्होंने पंकज को समझाया कि सब मिलकर व्यवस्था कर लेंगे और चिंता न करे, लेकिन इसके बावजूद उसने यह बड़ा कदम उठा लिया। विधायक बोले- परिवार के लिए 50 लाख का मुआवजा मांगेंगे किसान की मौत की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेश परमार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। विधायक महेश परमार ने बताया कि किसान ने फसल बर्बाद होने के चलते आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाया है। सांत्वना देने आया था। हम एसडीएम कार्यालय का घेराव कर किसान के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग करेंगे। इधर फसलों का सर्वे शुरू
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार रात हुई आंधी, तूफान और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर राजस्व विभाग ने सर्वे की प्रक्रिया कल रात से ही शुरू कर दी है। सर्वे के लिए सभी तहसीलदार, आरआई और पटवारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांव-गांव जाकर किसानों की फसल का नुकसान दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान को हुए नुकसान को अनदेखा नहीं किया जाएगा और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का आकलन तुरंत किया जा रहा है। किसानों की आत्महत्या से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… MP में एक महीने में 9 किसानों की खुदकुशी श्योपुर में बारिश में बही फसल…किसान ने लगाई फांसी शाजापुर में किसान ने कीटनाशक पीकर की आत्महत्या खंडवा में कर्ज से परेशान किसान ने फांसी लगाई


