स्वास्थ्य अमला इन दिनों फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए अभियान चला रहा है। सीएमएचओ की डॉ. उमेश मौर्य और पुरेंद्र राजपूत के नेतृत्व में बुधवार को टीम सिंधिया नगर स्थित बंगाली क्लीनिक पहुंची। यह क्लीनिक तापस गुप्ता संचालित कर रहा था। तापस ने बताया कि वह 12 वीं पास है। तापस गुप्ता पाइल्स, भगंदर के मरीजों का इलाज कर रहा था। यहां बैठे मरीज ने बताया कि यहां एक इंजेक्शन लगाकर पाइल्स,भगंदर का इलाज किया जाता है। इसके बाद टीम देव क्लीनिक पहुंची,जिसे देव नामक युवक संचालित कर रहा था। उनसे अपनी योग्यता कम्युनिटी हेल्थ वर्कर का डिप्लोमा करना बताया है। उसकी क्लीनिक का भी रजिस्ट्रेशन नहीं था और वह बुखार, खांसी के मरीज का इलाज कर रहा था। देव क्लीनिक के पास संचालित जय मां संतोषी क्लीनिक जिसे अनूप संचालित करता है। अनूप बीएससी नर्सिंग किए हुए हैं। क्लीनिक का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। वह एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहे हैं। 8वीं पास भी कर रहे मरीजों का इलाज
3 दिन चली कार्रवाई में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित 12 क्लीनिक सील की गई हैं। मंगलवार को रायरू में संचालित नेहा स्वास्थ्य सदन क्लीनिक, जिसे राजेंद्र सिंह राजपूत संचालित कर रहा था।वह बीएएमएस होने के बाद भी एलोपैथी पद्धति से मरीज का इलाज कर रहे था। इनके पास न तो सीएमएचओ का रजिस्ट्रेशन था और जब टीम ने क्लीनिक सील करने की बात कही तो उनकी टीम के साथ कहासुनी हो गई थी। उन्होंने क्लीनिक सील नहीं करने दी जिसके बाद टीम वापस लौट गई थी। 3 दिन में जो 12 क्लीनिक सील हुई हैं उनमें एक 8 वीं पास और 3 क्लीनिक 12 वीं पास संचालित कर रहे थे।


