झांसी GST ऑफिस में मिली हेड क्लर्क की लाश:अफसर के कमरे में पड़ी थी बॉडी; शर्ट और जूते उतरे थे

झांसी में जीएसटी डिपार्टमेंट के एडिशनल कमिश्नर के वीसी रूम में हेड क्लर्क (प्रधान सहायक) की लाश मिली है। जिस कमरे में लाश थी, उस पर बाहर से कुंडी लगी थी। फोन नहीं उठाने पर पत्नी और पिता ढूंढ़ते हुए ऑफिस पहुंचे तो कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी। जब गेट खोला तो हेड क्लर्क बेड पर पड़े थे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जीएसटी विभाग के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। अभी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पत्नी से बोले- पनीर लेकर आ रहा हूं उरई के रहने वाले दिलीप कुमार कश्यप (39) पुत्र रामप्रकाश कश्यप झांसी जीएसटी ऑफिस में हेड क्लर्क थे। वे परिवार के साथ सनफ्रान सिटी में रहते थे। उनके पिता रामप्रकाश कश्यप ने बताया, रोजाना की तरह मेरा बेटा दिलीप सोमवार सुबह ऑफिस गया था। शाम करीब 7 बजे बहू जिज्ञासा ने फोन लगाया तो बेटा बोला कि थोड़ी देर में पनीर लेकर आ रहा हूं। लेकिन, काफी देर तक वो आए नहीं। बहू ने कई कॉल लगाए। लेकिन, फोन रिसीव नहीं हुआ। बाइक ऑफिस में थी, तो पहुंच परिजन
पिता ने बताया, मैंने भी बेटे दिलीप को कॉल लगाया तो उसने फोन रिसीव नहीं किया। हमारे पास ऑफिस के किसी कर्मचारी का नंबर नहीं था। किसी तरह पता चला कि बेटे की बाइक ऑफिस में ही रखी है। तब आज तड़के करीब 3 बजे मैं और बहू पड़ोसी की मदद लेकर ऑफिस पहुंचे। वहां चौकीदार से ताला खुलवाया। सब जगह देखा तो बेटा नहीं मिला। तब फिर से बेटे के मोबाइल पर कॉल लगाया तो एडिशनल कमिश्नर के वीसी रूम के अंदर फोन की घंटी बजी। कमरा बाहर से बंद था। कुंडी खोली तो अंदर बेड पर बेटा मृत पड़ा था। शर्ट और जूते उतरे हुए थे
गेट खोलकर परिजन कमरे के अंदर गए तो बेटा बेड पर मृत पड़ा था। शर्ट और जूते उतरे हुए थे। उसको हिलाया-डुलाया, लेकिन बेटा दम तोड़ चुका था। यह देख परिजन रोने चिल्लाने लगे। सूचना पर जीएसटी विभाग के अधिकारी भी आ गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर एके सिंह का कहना है कि विभाग में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत कर्मी की दुखद मौत हो गई है। उनका शव वीसी रूम में मिला है। मौत के कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। ———————– यह खबर भी पढ़ें… दलित युवती से 1 घंटे दरिंदगी, नाखूनों से नोंचा, बॉडी छिपाने के लिए 2 जगह बदली, आरोपी बोले- नशे में कितना पीटा, याद नहीं हम लोगों ने दौड़ाकर खेत में उसे दबोचा। दुपट्‌टा मुंह में ठूंस दिया, लेकिन लगातार विरोध करती रही। गुस्से में उसके सिर पर डंडे मारे। हमें पता ही नहीं चला कब मर गई। ये कबूलनामा है अयोध्या में दलित युवती की हत्या मामले में मुख्य आरोपी दिग्विजय सिंह का। पूरी खबर पढ़ें…

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