SDM ने डॉक्टर को धमकाया, फिर मांगी माफी:विधानसभा में MLA बोलीं- डॉक्टर 250 मरीज देखते हैं, क्या एसडीएम रोजाना इतनी शिकायतें सुनता है?

चार दिन पहले बाड़मेर में SDM ने डॉक्टर को फटकार लगाई और धमकाया। कहा- ‘ऐ, जल्दी उठ और मरीज देख… वरना पुलिस के हवाले कर दूंगा।’ SDM के इस रवैये के खिलाफ प्रदेशभर के डॉक्टर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। अलग-अलग जिलों में 2 घंटे ओपीडी का बहिष्कार किया जा रहा है। मंगलवार को जयपुर में भी डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार किया। यहां तक कि मामला विधानसभा में भी गूंजा। विधानसभा में सोमवार को चौमूं विधायक शिखा मील बराला ने कहा- डॉक्टर रोजाना 250 से ज्यादा मरीज देखता है। क्या एसडीएम-तहसीलदार रोजाना 250 शिकायतें सुनते हैं? दरअसल, 1 फरवरी को सुबह 10 बजे बाड़मेर जिले के सेड़वा कस्बे के CHC में एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने OPD में ड्यूटी कर रहे डॉ. रामस्वरूप रावत को धमकाया था। हालांकि मामला बढ़ता देख एसडीएम ने सोमवार को वीडियो जारी कर माफी भी मांग ली। पहले जानिए, एसडीएम ने डॉक्टर से कैसा बर्ताव किया… डॉक्टर ने शिकायत में कहा- सीएचसी में मैं अकेला था, 250 की ओपीडी थी
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। सेड़वा एसडीएम की अभद्र भाषा पर डॉक्टरों ने ऐतराज किया। दूसरे दिन 2 फरवरी (रविवार) को डॉक्टर वेलफेयर फेडरेशन की टीम सेड़वा (बाड़मेर) पहुंच गई। पीड़ित डॉक्टर रामस्वरूप ने सेड़वा थाने में शिकायत दर्ज कराई। सेड़वा सीएचसी के पीड़ित डॉक्टर रामस्वरूप रावत ने शिकायत में बताया- सीएचसी में मैं अकेला था। ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहा था। 250 से ज्यादा ओपीडी थी। 50 साल की एक महिला गंभीर हालत में पहुंची थी। एंजायटी केस था। इमरजेंसी में मरीज की जांच कर उसे भर्ती कर इलाज किया गया। इस दौरान एसडीएम ने आते ही मुझे धमकाया और पुलिस के हवाले करने की बात कही।​​ ​​​शिकायत पर सेड़वा थानाधिकारी दीपसिंह ने कहा- कार्रवाई करेंगे। इसके बाद फेडरेशन की ओर से कहा गया कि 7 हजार डॉक्टर फेडरेशन से जुड़े हैं। इनमें 550 मेडिकल ऑफिसर हैं। SDM के पद को धूमिल करने वाली बात है। जिस तरीके से व्यवहार किया- वो ठीक नहीं था। SDM अपना बल (अपनी ताकत) डॉक्टर पर थोपना चाहते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। SDM लिखित में माफी मांगें। जब माफी नहीं मांगेंगे, हम पीछे नहीं हटेंगे। इनको यहां से APO किया जाए। विभागीय कार्रवाई की जाए। SDM की अभद्र भाषा पर प्रदेशभर में पेन डाउन हड़ताल
राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर एसोसिएशन के आह्वान पर डॉक्टर्स ने रविवार को काली पट्‌टी बांधकर विरोध किया। एसोसिएशन (बाड़मेर) के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने कहा- डॉक्टर रामस्वरूप मरीज देखने के साथ दूसरा काम भी कर रहे थे। SDM के शब्द डॉक्टर की मर्यादा के खिलाफ हैं। 3 फरवरी (सोमवार) को बाड़मेर जिला अस्पताल के डॉक्टर्स ने पेन डाउन हड़ताल कर दी और 2 घंटे (सुबह 9 से 11) ओपीडी का बहिष्कार किया। डॉक्टरों ने काली पट्‌टी बांधकर मरीज देखे। इमरजेंसी सेवाएं यथावत रहीं। सोमवार को 2 घंटे ओपीडी में डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों की कतारें लग गईं। सोमवार को PMO बीएल मंसूरिया को राज्य स्तर के संगठनों ने संयुक्त ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि डॉक्टर सभी जिलों में 2 घंटे पेन डाउन हड़ताल करेंगे। इमरजेंसी-इंडोर सेवाएं सुचारू रहेंगी। OPD सर्विस 2 घंटे बंद रहेगी। 4 फरवरी (मंगलवार) को जयपुर में डॉक्टर्स ने पेन डाउन हड़ताल की। सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार किया। विधायक बोलीं- क्या SDM रोजाना 250 शिकायतें सुन सकते हैं?
विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को चौमूं से कांग्रेस विधायक डॉ. शिखा मील बराला ने कहा- मुझे खेद है कि अपना काम गंभीरता से कर रहे एक डॉक्टर को ओपीडी में जाकर एसडीएम अमर्यादित शब्द कहे। रोजाना 200 से 250 मरीजों को देखना, इलाज करना आसान नहीं है। क्या एसडीएम-तहसीलदार रोजाना 250 शिकायतों को सुनते हैं? कोई नियम-कानून उन्हें हक नहीं देता कि डॉक्टर या किसी भी कर्मचारी से अभद्र भाषा में बात करें। हेल्थ मिनिस्टर संज्ञान लें। इसी वजह से लंबे समय से सेपरेट कैडर की मांग की जा रही है। SDM ने वीडियो जारी कर कहा- खेद है
मामला बढ़ता देख सोमवार को एसडीएम बद्रीनारायण ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा- 1 फरवरी को बुजुर्ग महिला की तबीयत खराब होने की सूचना हमारे पास आई। तहसीलदार और मैं हॉस्पिटल पहुंचे। वहां थोड़ा माहौल गर्म था। महिला के परिजन परेशान थे। मैंने वहां डॉक्टर रामस्वरूप रावत को दो-तीन बार कहा कि पहले इन्हें चेक कर लो। पास खड़े रहकर जरा ढंग से देख लो। दो-तीन बार कहने के बाद भी वे नहीं आए। तब सख्ती से कुछ कह दिया। इसके पीछे डॉक्टर की भावना को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। हमारे लिए मरीज महत्वपूर्ण था। इसी उद्देश्य से थोड़ा सख्ती से कहा था। अगर किसी ने इसको अन्यथा लिया है और उनको ऐसा लगा है कि हमारी भावना को ठेस पहुंची है तो मैं इसके लिए खेद प्रकट करता हूं। हम एक टीम भावना से काम कर रहे हैं। हम सब अच्छा काम करेंगे। इस मामले में डॉक्टर संघ और जनप्रतिनिधियों ने भी प्रतिक्रिया दी अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. जोगेश कुमार बोले- सेड़वा एसडीएम ने डॉक्टर साथी से अभद्र व्यवहार किया। तू-तड़ाक की और धमकाया है। अकेला डॉक्टर 250 से अधिक मरीज देख रहा था। धमकाना सेवा नियमों की अवहेलना है। न्याय नहीं मिला तो कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने X पर लिखा… एक्सरे मशीन के फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए गए थे SDM
दरअसल, सेड़वा SDM बद्रीनारायण विश्नोई 1 फरवरी को सेड़वा CHC पहुंचे थे। यहां एक्सरे मशीन जो पहले खराब थी, वह ठीक हो गई थी। एसडीएम इस मशीन का फिजिकल वेरिफिकेशन (सत्यापन) करने गए थे। सीएचसी परिसर की जांच में नर्सिंग ऑफिसर मोहनलाल मीना, एलटी बाबूलाल, पंकज कुमार और नेत्र सहायक ओमप्रकाश गैरहाजिर मिले थे। एसडीएम ने इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस दौरान डॉ. रामस्वरूप रावत से हॉट-टॉक हो गई। उन्हें मरीजों से संवेदनशीलता से पेश आने के निर्देश दिए। नोटिस थमाने की बात भी की। सीएचसी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कालूराम विश्नोई, कार्यवाहक तहसीलदार भूपेंद्र कुमार सेजू तब वहां मौजूद थे।

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