ग्वालियर के उटीला थाना क्षेत्र के टिहोली गांव में जमीन विवाद को लेकर चार से पांच बदमाशों ने एक किसान पर हमला कर दिया। पहले लोहे के पाइप और सरियों से उसकी पिटाई की गई, फिर बंदूक के बट से हमला किया गया। इससे भी मन नहीं भरा तो दहशत फैलाने के लिए हवाई फायर किए गए। इसके बाद एक बदमाश ट्रैक्टर को तेज रफ्तार में दौड़ाते हुए लाया और घायल के गौड़ा की दीवार व पड़ोसी की दीवार पर चढ़ा दिया। घटना के समय वहां कई लोग मौजूद थे और उनकी जान पर बन आई। यह घटना बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे की है, लेकिन उटीला थाना प्रभारी ने पांच से छह घंटे तक जांच के नाम पर मामला टालता रहा। जब एसडीओपी मनीष यादव को सूचना मिली, तो वे उटीला थाना पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां गांव के लोगों ने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद उटीला थाना पुलिस ने घायल भूपेंद्र शर्मा की शिकायत पर आरोपी अशोक तिवारी, आनंद तिवारी, लाखन बघेल और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया।
बताया गया है कि ग्वालियर के उटीला थाना क्षेत्र स्थित टिहोली गांव में 56 वर्षीय भूपेन्द्र पुत्र गिरवरलाल शर्मा रहते हैं। भूपेन्द्र शर्मा का मुरार स्थित सीपी कॉलोनी निवासी अशोक तिवारी से गांव की एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। भूपेन्द्र ने बताया कि बुधवार दोपहर 1:30 बजे अशोक तिवारी, आनंद पुत्र बालकृष्ण तिवारी, लाखन बघेल और एक अन्य व्यक्ति गांव पहुंचे। यहां अशोक और आनंद ने गाली-गलौज करते हुए भूपेन्द्र से कहा कि बरेठा के सामने वाला गौड़ा उनका है। जब भूपेन्द्र ने विरोध करते हुए कहा कि यह जमीन उनके पूर्वजों के समय से उनके पास है और उन्हीं की है, तो बदमाश बौखला गए। अशोक ने लोहे के पाइप से हमला किया। इसके बाद आनंद तिवारी ने बंदूक के बट से भूपेन्द्र की पीठ और कंधे पर वार किए। भूपेन्द्र का शोर सुनकर विष्णु रजक और दीपक शर्मा बचाने पहुंचे, तो बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए हवा में गोलियां चला दीं। दीवार पर चढ़ा दिया ट्रैक्टर, कुचलने से बचे लोग
इसके बाद भी बदमाशों के तेवर कम नहीं हुए। अशोक ने ट्रैक्टर दौड़ा दिया और गौड़ा की दीवार व ग्यादीन रजक के मकान की दीवार पर चढ़ा दिया। जिस समय ट्रैक्टर दीवार पर चढ़ाया गया, वहां कई लोग मौजूद थे। लोगों की जान पर बन आई। तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। थाना प्रभारी पर आरोपियों का पक्ष लेने का आरोप
घायल जब थाने पहुंचा, तो उटीला थाना प्रभारी नरेंद्र सिसौदिया ने कार्रवाई करने के बजाय मामले को टालने का प्रयास किया। करीब पांच से छह घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और बार-बार हमलावर पक्ष को भी थाने बुलाया जाता रहा। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओपी मनीष यादव उटीला थाना पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां गांव के लोगों ने पूरी हकीकत बताई। इसके बाद बुधवार रात को तीन नामजद सहित चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।


