इंदौर के वार्ड-45 में पानी-ड्रेनेज की परेशानी, स्कूल-आंगनवाड़ी बड़ी उपलब्धि:भास्कर टॉक में पार्षद सोनीला बोलीं- निगम साथ दे तो रोडमैप पूरा हो जाएगा

इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसका जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने शुरू की है खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज चौथे एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 45, जहां से पार्षद हैं कांग्रेस की सोनीला मिमरोट भाटिया। क्या काम पूरे हुए?, क्या बाकी हैं? और जनता 10 में से कितने नंबर देती है। आज के टॉक में जानिए काम का पूरा हिसाब। वार्ड में निरीक्षण के दौरान पार्षद सोनीला मिमरोट भाटिया ने दैनिक भास्कर से चर्चा में बताया कि उनके वार्ड में सबसे बड़ी समस्या ड्रेनेज लाइन की है। कर्मचारी कम है और ड्रेनेज की समस्या ज्यादा है। ठेकेदारों को समय पर पेमेंट भी नहीं मिल रहा है इसलिए काम में देरी हो रही है। पढ़िए, भास्कर के सवाल, पार्षद के जवाब… सवाल: वार्ड में आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही है?
जवाब: पानी और ड्रेनेज पर हमने सबसे अधिक काम किया है। हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वार्ड के लाला का बगीचा क्षेत्र में नर्मदा लाइन डाली गई है। इसके अलावा देवनगर और पांचू कुमार की चाल में भी नर्मदा की लाइन डाली गई है। लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना मेरी प्राथमिकता है। वार्ड के सभी प्रमुख कुओं को भी हमने पुनर्जीवित किया है। यह भी एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि नर्मदा पाइपलाइन के साथ-साथ पानी के प्राकृतिक स्रोतों का संरक्षण और उनका पुनर्जीवन बेहद जरूरी है। सवाल: जनता की आम शिकायतें क्या आती हैं?
जवाब: सबसे ज्यादा शिकायतें ड्रेनेज की समस्या को लेकर आती हैं। ड्रेनेज की सफाई तो हो जाती है, लेकिन गाद उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। पूरे जोन-9 में पांच वार्ड हैं, जबकि गाद उठाने के लिए सिर्फ चार कर्मचारी हैं। वे भी हमें शाम तीन बजे के बाद ही उपलब्ध हो पाते हैं। कर्मचारियों पर काम का दबाव अधिक है और संसाधन कम हैं। निगम की व्यवस्था कुछ हद तक असंगठित है। कर्मचारियों की संख्या कम है और ड्रेनेज की समस्या ज्यादा है, क्योंकि इस पर पहले कभी समुचित काम नहीं हुआ। अब जाकर इस दिशा में काम शुरू हुआ है। सवाल: वार्ड में क्या नया प्रयोग किया और उससे क्या बदलाव हुआ?
जवाब: मैंने मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है। जल और ड्रेनेज की व्यवस्था को सुचारू बनाना मेरी प्राथमिकता रही है। मैं बच्चों की शिक्षा को लेकर भी काफी चिंतित रहती हूं, क्योंकि हमारे वार्ड का आधा हिस्सा स्लम क्षेत्र में आता है। लाला का बगीचा, पांचू कुमार की चाल और देवनगर में आंगनबाड़ी जर्जर अवस्था में थीं। न आंगनबाड़ी ठीक थीं और न ही स्कूल। हमने वहां नई आंगनबाड़ी का निर्माण कराया है। छोटे बच्चों के लिए बेहतर वातावरण देने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा एक स्कूल भी स्वीकृत कराया गया है, जिसका निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा। मेरा उद्देश्य बच्चों को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखकर शिक्षा की ओर प्रेरित करना है। इस दिशा में हमारा प्रयास सफल रहा है और यह काम लगातार जारी है। सवाल: वार्ड के कौन-से इलाके रह गए हैं, जहां काम नहीं हो पाया है?
जवाब: कुछ काम प्रस्तावित हैं और कुछ स्वीकृत भी हो चुके हैं। जैसे, पांचू कुमार की चाल में नर्मदा लाइन डालना अभी बाकी है और देवनगर में ड्रेनेज लाइन डालनी है। ये दोनों काम हमारे लिए बेहद जरूरी हैं और जल्द पूरे किए जाएंगे। पूरे अंबेडकर नगर में पानी की समस्या अधिक है। वहां नर्मदा की पुरानी लाइनें बदलनी हैं, जिसे प्राथमिकता पर किया जाएगा। एमआईजी क्षेत्र ए, बी, डी और ई सेक्टर में भी नर्मदा लाइन डालनी है।
अब जो डेढ़ वर्ष का समय बचा है, उसमें कितना काम हो पाएगा, यह निगम के सहयोग पर निर्भर करेगा। हमारी मंशा लोगों के लिए काम करने की पूरी है। अगर अधिकारी सहयोग करें, तो काम तेजी से हो सकता है। सवाल: क्या आपके यहां पानी की शिकायतें आती हैं?
जवाब: पानी की समस्या पूरे इंदौर में गंभीर है। जितना काम हम कर पाए हैं, उसके बावजूद अभी और प्रयास की जरूरत है। पार्षद बनने के बाद से मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता पानी और ड्रेनेज की समस्या दूर करना रही है। कुछ जगहों पर काम में देरी के कारण समस्याएं बनी हुई हैं। कई क्षेत्रों में पानी और ड्रेनेज की लाइनें पुरानी हो चुकी हैं, जिन्हें बदला जाना जरूरी है।
हमारी कोशिश रहती है कि कोई भी समस्या या फोन आने पर तुरंत समाधान किया जाए। ——————
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