कड़ाके की ठण्ड में जज निकले घरों से बाहर:रैन बसेरों का निरिक्षण कर बोले- ‘इस सर्दी में खुले में कोई न सोए’

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना और भीषण सर्दी के सितम को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। बुधवार रात जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) ओमी पुरोहित ने शहर के रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिला जज के साथ सीजेएम एवं सचिव विजेंद्र कुमार, चीफ डिफेंस काउंसिल मदन सिंह सोढा, एडवोकेट मयंक व्यास भी मौजूद रहे। न्यायिक अधिकारियों की इस टीम ने हनुमान चौराहा और रेलवे स्टेशन स्थित रैन बसेरों की जमीनी हकीकत देखी। जजों ने व्यवस्थाओं को सुधारने के साथ साथ रैनबसेरों में शौचालयों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। व्यवस्थाओं पर संतोष, सुधार के कड़े निर्देश निरीक्षण के दौरान रैन बसेरों में मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं, लेकिन जिला जज ने सुविधाओं को और अधिक मानवीय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया। जजों ने नगर परिषद को रैन बसेरों में सुचारू शौचालय और साफ-सफाई के विशेष निर्देश दिए गए। कड़ाके की ठंड को देखते हुए लोगों के लिए बेहतरीन और गर्म बिस्तरों (गद्दे-रजाई) की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही शहर में मुनादी या साइन बोर्ड के जरिए रैन बसेरों का प्रचार करने के निर्देश दिए, ताकि बाहर से आने वाले जरूरतमंदों को इनके स्थान की जानकारी मिल सके। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना अनिवार्य जिला जज ओमी पुरोहित ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश हैं कि इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड में कोई भी व्यक्ति खुले में या फुटपाथ पर न सोए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर बेसहारा को छत मिले। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि व्यवस्थाओं में कोई कोताही न बरती जाए।

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