अलवर में सरिस्का क्षेत्र के पास प्रतापगए़ के गुवाड़ा गांव के खेत में लेपर्ड पेड़ पर फंदे से लटका मिला। करीब 3 से 4 घंटे तक लेपर्ड पेड पर लटका रहा। जिससे उसकी मौत हो गई। खेतों से जंगली जानवारों को दूर रखने के लिए लगाए गए फंदे में लेपर्ड फंसा है। उसके बाद पेड पर चढ़ा और वहां उलझ गया। यह घटना 26 जनवरी की शाम की है। लेकिन वन प्रशासन ने 28 जनवरी को जानकारी दी। दो दिन मामले को दबाए रखा। वन नाका प्रतापगढ़ के अधीन झिरी ग्राम पंचायत के शाखा का गुवाड़ा के एक खेत में पैंथर 26 जनवरी की शाम को पैंथर पेड पर फंदे में लटका मिला। शिकार की सूचना के बाद वनवकर्मी पहुंचे। डीएफओ आरके हुड्डा के निर्देश पर राजगढ़ एसीएफ प्रशांत कुमार गौड़, रेंजर जितेंद्र सैन ने घटनास्थल पर आए। इसके बाद पेड़ पर लटके मृत पैंथर को उतारा और थानागाजी रेंज ऑफिस लेकर आया गया। टीम ने ग्रामीणों से पूछताछ की। फिर बाद में बुधवार को गांव के प्रभुदयाल मीणा (54) पुत्र किशनलाल मीणा को हिरासत में लिया। उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने खुद के खेत में फंदा लगाने की बात स्वीकार की। रेंजर जितेंद्र सैन ने बताया कि आरोपी को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी से शिकार के उद्देश्य व उसके साथ कौन-कौन शामिल थे। इस बारे में पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार दम घुटने से पैंथर की मौत हुई है। 3 वेटनरी डॉक्टरों की टीम ने पैंथर का पोस्टमार्टम किया। टीम के डॉ. मनोज मीणा ने बताया कि रस्से के फंदे में फंसने के बाद पैंथर पेड़ पर चढ़ गया। इसी दौरान फंदा पेड़ की डाल पर अटक गया। करीब तीन से चार घंटे तक पैंथर के लटका रहा। नीचे नहीं आ पाया। फिर दम घुटने से उसकी मौत हो गई।


