बांसवाड़ा के वागड़ अंचल में एक बार फिर कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर तेज हो गया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस क्षेत्र में हो रही भारी बर्फबारी का सीधा प्रभाव यहां के तापमान पर पड़ रहा है। बीती रात सीजन की दूसरी सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंडी हवाओं के चलते दिन और रात दोनों समय जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह से सर्द हवाओं का असर जिले में सुबह से ही ठंडी हवाएं चलती रहीं। इसके चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया। ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग देर से घरों से बाहर निकलते दिखे। अलाव का सहारा ले रहे लोग तेज सर्दी से बचाव के लिए लोग जगह जगह अलाव जलाते नजर आए। बाजारों, चौराहों और बस्तियों में अलाव के आसपास लोग ठंड से राहत लेते दिखाई दिए। आने वाले दिनों में और गिरेगा तापमान मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. महिपाल सिंह चौधरी ने बताया कि आने वाले दिनों में सर्दी का असर और बढ़ सकता है। तापमान में अभी और गिरावट आने की संभावना जताई गई है। फिलहाल जिले में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन शीतलहर का दौर जारी रहेगा। किसानों के लिए पाले का खतरा मौसम विभाग ने किसानों को अलर्ट किया है कि गिरते तापमान के कारण फसलों पर पाले का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका है। गेहूं की फसल बचाने की सलाह डॉ. चौधरी ने किसानों को सलाह दी है कि पाले से बचाव के लिए 0.1 प्रतिशत सल्फ्यूरिक एसिड का छिड़काव करें। इसके साथ ही पाले की संभावना होने पर शाम के समय हल्की सिंचाई करना भी फायदेमंद बताया गया है।


