जालंधरियों को बड़ी राहत…:सरकारी रिकॉर्ड में रोड शामिल न होने पर भी कारखानों की इमारतों के नक्शे पास हो सकेंगे

प्रवीण पर्व | जालंधर सिटी की इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिल गई है। लेबर विभाग ने कारखानों के नक्शे पास करने को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब इंडस्ट्री जोन में शामिल किसी जमीन पर नई फैक्ट्री बनानी है या फिर पुरानी फैक्ट्री की इमारत का लेबर विभाग से नक्शा पास कराना आसान हो जाएगा। पहले विभाग फैक्ट्री एक्ट एवं टाउन प्लानिंग एक्ट के अनुसार उसी इमारत के नक्शे को मंजूरी देता था, जिससे जुड़ी सड़क की लोकेशन सरकार रिकॉर्ड यानी अकस छजरा में शामिल होती है। जो सड़कें पक्की हैं, जो किसी नई कॉलोनी, किसी जमीन के बंटवारे आदि के बाद बनाई गई हैं, वो इस छजरा में शामिल न होने पर मंजूरी नहीं मिल रही थी। जालंधर के कारोबारी संगठन 2021 से ये मामला सरकार के सामने उठा रहे थे। पहले पूर्व सरकार में इसे लेकर इंडस्ट्री एडवाइजरी बोर्ड में विचार चर्चा हुई। अब लेबर विभाग ने राहत देने वाला सर्कुलर 3 फरवरी को जारी कर दिया है। अब जिसने भी नक्शा पास करवाना है, वह सर्कुलर नंबर labour-labofafr/1/20 25-2L.81 के संदर्भ में आवेदन दे सकेगा। जालंधर में मुबारकपुर शेखे, कपूरथला रोड, उद्योग नगर, बुलंदपुर व होशियारपुर रोड के कई हिस्सों में कारखानों के नक्शे पास हो सकेंगे। कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज के स्टेट मेंबर तुषार जैन कहते हैं कि लेबर विभाग की ये सुविधा कारोबारियों के लिए बड़ी राहत है। अब उक्त सर्कुलर के तहत पुरानी फैक्ट्रियों के नक्शों के नियमों में सरलता आ गई है। वहीं, गदईपुर इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रधान तेजिंदर सिंह भसीन उदाहरण देते हैं कि बिस्त दोआब नहर के किनारे कई सड़कें पक्की हैं लेकिन यह रेवेन्यू विभाग के अकस छजरा यानी जमीनी नक्शों में ये सड़कें शामिल नहीं हैं। ऐसे में इन सड़कों के किनारे विकास न हो सका। नए कारखानों को ये कहकर इमारत बनाने के लिए नक्शों की मंजूरी नहीं मिलती थी कि उन तक जाने वाली रोड ही रिकार्ड में शामिल नहीं है।

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