जयपुर में 10 ग्राम सोने की कीमत 1.68 लाख रुपए रही, जबकि मुंबई में 1.63 लाख रुपए थी। 10 ग्राम की कीमत में 5 हजार और किलो में 5 लाख का अंतर खरीदारों में असमंजस बढ़ा रहा है। इसके मद्देनजर देश में सोना-चांदी की सरकारी ‘राष्ट्रीय संदर्भ दर’ (रेफरेंस) की जरूरत बढ़ गई है। अभी देश में अधिकांश शहरों में सोने-चांदी की खुदरा कीमत मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के वायदा सौदों के आधार पर तय हो रही है, जबकि एक्सचेंज में रेट में भी कोई पारदर्शिता नहीं है। इससे एक्सचेंज और बुलियन डीलर्स मनमाना प्रीमियम जोड़ कर कीमत तय कर रहे हैं। बता दें, चीन, तुर्की और दुबई में सोने-चांदी के अधिकारिक रेट जारी किए जाते हैं। जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष मित्तल बताते हैं, कीमत में अप्रत्याशित उछाल से पिछले डेढ़ साल में सरकार को मिलने वाले टैक्स भी बढ़ गया है। सोना में 98% और चांदी में 73% वृद्धि हुई है। भास्कर एक्सपर्ट डॉ. संजय जोशी, रीजनल मेंबर, जेम्स ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल रेफरेंस रेट की शुरुआत करें राष्ट्रीय रेफरेंस रेट से ग्राहकों का मुनाफाखोरी से बचाव होगा। बुलियन डीलर्स की मोनोपोली टूटेगी। पेपर ट्रेडिंग का असर दिख रहा है। नेशनल रेफरेंस रेट से कमोडिटी, बुलियन डीलर्स और खरीदार सभी एक पेज पर आ जाएंगे।


