कोंडागांव में 28 जनवरी को जिला स्तरीय ‘बस्तर पंडुम’ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य बस्तर की विशिष्ट जनजातीय कला, संस्कृति को संरक्षित करना और उसे आगे बढ़ाना है। यह कार्यक्रम स्थानीय ऑडिटोरियम में शुरू हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन जनजातीय नृत्य और गीतों की प्रस्तुतियां दी गईं। इसके अलावा जनजातीय वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण और वन औषधि का भी प्रदर्शन किया गया। इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में बस्तर की जनजातीय कला और संस्कृति पर आधारित कुल 12 विधाओं में विकासखंड स्तरीय बस्तर पंडुम के विजेता प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर संभाग की समृद्ध लोककला, रीति-रिवाज, पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य कर रही है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति से परिचित होने का अवसर भी प्रदान करता है।


