जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जल जीवन मिशन में अनियमितता और भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध शत-प्रतिशत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र लंबित हैं, उन्हें तत्काल जारी किया जाए। साथ ही आरोप पत्र जारी करने में देरी करने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। मंत्री चौधरी ने कहा कि जिन अधिकारियों को सीसीए नियम 16 एवं 17 के तहत आरोप पत्र जारी किए जा चुके हैं, उनके मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई करते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाए। उन्होंने विभागीय बजट घोषणा वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन घोषणाओं की निविदाएं अभी प्रक्रियाधीन हैं, उन्हें 15 फरवरी तक कार्य आदेश जारी कर पूरे किया जाए। समय सीमा का उल्लंघन होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। 100 एलपीसीडी के हिसाब से योजनाएं लागू करने के निर्देश जलदाय मंत्री ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की जल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए कहा कि नवसृजित नगर पालिका क्षेत्रों में शहरी मानकों के अनुरूप 100 एलपीसीडी (लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन) के हिसाब से योजनाएं लागू की जाएं, ताकि भविष्य में पेयजल संकट न हो। उन्होंने सतही जल से लाभान्वित जिलों में ग्रीष्मकाल से पूर्व पर्याप्त जल भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन की समीक्षा में मंत्री ने कहा कि मिशन के अंतर्गत बकाया घरेलू कनेक्शनों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूर्ण किया जाए, ताकि राष्ट्रीय जल जीवन मिशन को पूर्णता रिपोर्ट समय पर भेजी जा सके। उन्होंने निविदाओं में अनावश्यक देरी न करने और आगामी 15 दिनों में लंबित निविदाएं पूरी करने के निर्देश दिए। 2.0 के तहत बकाया 8.50 लाख कनेक्शनों को शीघ्र जोड़ने के निर्देश अमृत 2.0 योजना के तहत स्वीकृत कार्यों एवं निविदाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों से सटे नए शामिल क्षेत्रों को भी इसी योजना में शामिल कर लाभान्वित किया जाए। उन्होंने अमृत 2.0 के तहत बकाया 8.50 लाख कनेक्शनों को शीघ्र जोड़ने और शेष निविदाओं को 15 फरवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। बकाया राजस्व वसूली को लेकर मंत्री ने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की देरी न की जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को मासिक बिल जारी करने के निर्देश दिए गए, जिससे एकमुश्त आर्थिक भार से उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। मंत्री चौधरी ने समर कंटीजेंसी योजना के तहत स्वीकृत हैंडपंप एवं ट्यूबवेल के ड्रिल व कमीशन नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे 15 फरवरी तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बकाया विद्युत कनेक्शनों के लिए संबंधित जिला कलेक्टर से व्यक्तिगत समन्वय कर समाधान करने को कहा। इसके साथ ही मंत्री ने आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने तथा पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।


