जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम मोहतरा के ग्रामीणों ने शिवरीनारायण–बिर्रा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है। ग्रामीण प्लांट से निकलने वाली राख को खुले में डंप किए जाने से आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सड़क पर उतरना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाली राख को भारी वाहनों में भरकर गांव के स्कूल की बाउंड्री वॉल के पास खुले में डंप किया जा रहा है। इससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। पास के तालाब में भी हवा के साथ राख उड़कर जा रही है, जिससे निस्तारी का पानी प्रदूषित हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में राख के दलदल में फंसकर कई जानवरों की मौत हो चुकी है। खुले में डंप की गई राख तेज हवाओं के साथ घरों में भी घुस रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सुबह 9 बजे से सड़क पर उतरे ग्रामीण शिवरीनारायण-बिर्रा मार्ग पर सुबह 9 बजे से ग्रामीण सड़क पर उतर आए। वे ‘किसान मरेगा नहीं लड़ेगा’ और ‘सुनो शासन सुनो प्रशासन’ जैसे नारे लिखे पोस्टर और तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस चक्काजाम के कारण भारी वाहनों और आम नागरिकों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। पहले भी की गई थी शिकायत ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पिछले साल भी इसी तरह राख को खुले में छोड़ा गया था। तब भी उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस बल की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारी प्रदर्शनकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ग्रामीण अपनी छह सूत्रीय मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक चक्का जाम जारी रहेगा। ये है ग्रामीणों की 6 सूत्रीय मांगें


