स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी:NIA ने बीपी के लिए बनाया आयुर्वेदिक कैप्सूल, साइड इफेक्ट भी नहीं

राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान मानद विश्वविद्यालय जयपुर के द्रव्य गुण विभाग के डॉक्टरों की टीम ने ब्लड प्रेशर (बीपी) के इलाज के लिए 10 साल बाद आयुर्वेदिक कैप्सूल बनाया है। क्लिनिकल ट्रायल के दौरान न केवल प्रभावी बल्कि किसी तरह का साइड इफेक्ट भी देखने को नहीं मिला है। कैप्सूल में 9 तरह की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों को मिलाकर तैयार किया है। फेज वाइज प्री-क्लिनकल ट्रायल और क्लिनिकल अध्ययन के बाद मापदंडों पर सही मिलने पर पेटेंंट के लिए आवेदन किया जा चुका है। आयुर्वेदिक दवा के लिए औषध अनुसंधान एवं विकास के अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार प्री क्लिनिकल टोक्सीसिटी, एफिकेसी के आधार पर क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री-इंडिया से पंजीकृत ट्रायल के जरिए किया है। औषधि के लिए आयुर्वेदिक विभाग के राज्य लाइसेंसिंग ऑथोरिटी से लाइसेंस लेने के बाद ही बीमारी से पीड़ित मरीजों को दिया जा सकेगा। भास्कर EXPLAINER :वह सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं (भास्कर एक्सपर्ट पैनल : डॉ. पुनीत सक्सेना, डॉ.प्रवीण मंगलूनिया ) लाइसेंस और अनुमति के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी ब्लड प्रेशर बीमारी के इलाज के लिए आयुर्वेदिक कैप्सूल बनाया है। पेटेंट कराने के लिए आवेदन किया है। अब आयुर्वेदिक विभाग के राज्य लाइसेंसिंग अथॉरिटी के लिए आवेदन किया जाएगा। लाइसेंस और अनुमति के बाद ही आगे की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इससे मरीजों को काफी लाभ मिल सकेगा। इसका साइड इफेक्ट नहीं है।-डॉ.सुदीप्त रथ, विभागाध्यक्ष द्रव्यगुण, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *