जंगल से निकलकर शहर, कस्बे व गांव में टाइगर या लेपर्ड के घुसने पर अब 100 नंबर पर फोन नहीं करना पड़ेगा। सरकार जल्दी हैल्पलाइन नंबर 1926 जारी करेगी। जिस पर कॉल कर जंगली जानवर के गांव, कस्बे या शहर में घुसने की सूचना दी जा सकेगी। जिस एरिया में टाइगर या लेपर्ड होगा उसके आसपास के करीब 5 किलोमीटर के दायरे में अनावश्यक आवाजाही रोक दी जाएगी। महाराष्ट्र की तरह स्पेशल प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा। यह बात गुरुवार को वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने विधानसभा में उनकी पार्टी के पूर्व मंत्री काली चरण सर्राफ के सवाल के जवाब में कही। विधायक कालीचरण ने सरकार से पूछा था कि जयपुर में आए दिन लेपर्ड शहर की आबादी में घुस आता है। आमजन को यह भी नहीं पता कि लेपर्ड के आने पर कहां शिकायत करें। पहले 100 नंबर पर शिकायत करते हैं। वहां से दूसरा नंबर मिलता है। तब तक भीड़ पहुंच जाती है। ऐसे में जन हानि होने का डर रहता है। क्या सरकार कोई हेल्पलाइन जारी करने पर विचार रखती है। इस सवाल के जवाब में वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि यह प्रक्रियाधीन है। आगामी एक महीने में हेल्पलाइन चालू हो जाएगी। जिसका नंबर 1926 होगा। इसके बाद कालीचरण ने पूरक सवाल करते हुए पूछा कि महाराष्ट्र की तरह जंगली जानवर घुस आने पर 5 किलोमीटर के दायरे में स्पेशल प्रोटोकॉल लाूग कर दिया जाता है। उस एरिया में आवाजाहीउसे रोक दी जाती है। आमजन को तुरंत घरेां के अंदर कर दिया जाता है। ताकि जंगली जानवर भी एग्रेसिव नहीं हो और आमजन केा भी कोई नुकसान नहीं है। विधायक के इस सुझाव की सराहना करते हुए वन मंत्री ने कहा कि इस पर पूरा विचार होगा। आगे से इसी तरह वन्यजीव आने पर रेस्क्यू किया जाएगा।


