बूंदी के नमाना कस्बे में लाल मुंह के बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। कुम्हारों के मोहल्ले और चौमुखा बाजार क्षेत्र में बंदरों के लगातार हमलों से नाराज लोगों ने पंचायत प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लाल मुंह के बंदर आए दिन मोहल्ले वासियों पर हमला कर रहे हैं और लोगों को काट रहे हैं। दो-तीन महीने पहले भी बंदरों ने दो-तीन लोगों को घायल कर दिया था, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और वन विभाग प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस बार मोहल्ले वासियों ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि पांच दिन के भीतर इन बंदरों को नहीं पकड़ा गया, तो वे ग्राम पंचायत कार्यालय पर ताला लगा देंगे और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत प्रशासन पर डाली है। पूर्व में भी ग्रामीणों और दुकानदारों ने मिलकर बंदरों को पकड़वाने के लिए पैसे इकट्ठे किए थे, लेकिन उस प्रयास के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। विरोध प्रदर्शन में लोकेश चित्तौड़ा, कन्हैया प्रजापत, बाबूलाल सोनी, महावीर चित्तौड़ा, मदन प्रजापत सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कन्हैया प्रजापत ने कहा, “हमारे मोहल्ले में लाल मुंह के बंदरों का एक-दो महीने से भारी आतंक है। ग्राम पंचायत कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे हमारे बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और हम डर के साए में जी रहे हैं।” लोकेश चित्तौड़ा ने बताया, “लाल मुंह के बंदर हमारे स्कूल में घुस जाते हैं और बच्चों पर हमला करते हैं। बच्चे डर के साए में स्कूल आते हैं। वन विभाग को इन्हें जल्द पकड़ना चाहिए, अन्यथा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और प्रशासन की होगी।” ग्राम सचिव मुजीब रहमान ने कहा कि हमने पहले भी वन विभाग के अधिकारियों से बात की है। बंदरों को पकड़े के लिए उन्हें कहा गया है। 4-5दिन समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। कटेंट- शिवराज राठौर


