शहर के कुम्हारवाड़ा स्थित श्रीयादे मंदिर में गुरुवार को जया एकादशी के अवसर पर पंच कुंडी गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। गायत्री परिवार द्वारा आयोजित इस यज्ञ में विश्व कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की गई। इस अनुष्ठान में मारू प्रजापति समाज की 325 महिलाओं ने आहुतियां दीं। उन्होंने गायत्री मंत्रोच्चार के साथ परिवार व्यवस्था को मजबूत करने और संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण का संकल्प लिया। गायत्री शक्ति पीठ की मुख्य ट्रस्टी रंजनदेवी ने बताया कि जया एकादशी पर श्रीयादे मंदिर में मारू प्रजापति समाज की महिलाओं ने उद्यापन का आयोजन किया था, जिसके साथ गायत्री यज्ञ भी संपन्न हुआ। यज्ञ के लिए मंदिर के बाहर पांच हवन कुंड बनाए गए थे। गायत्री परिवार के परिवाजक राधेश्याम ने महिलाओं से गंगाजल, पुष्प और अक्षत से हवन पूजन शुरू कराया। इसके बाद आम की लकड़ी, धूप और घी के साथ हवन कुंड में आहुतियां दी गईं। इस दौरान राधेश्याम ने भक्ति गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गायत्री परिवार के ट्रस्टी इंद्रा खत्री और शुचिता गोमतीवाल ने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और मन में अच्छे विचार आते हैं। धर्म की बातें एक साथ सुनने से आपसी भाईचारे में वृद्धि होती है और एक-दूसरे के प्रति दुर्भावना समाप्त होती है।


