ब्यावर के अतीतमण्ड क्षेत्र में वरिष्ठ माइनिंग फोरमैन और उनके सहयोगियों के साथ मारपीट के मामले में पूर्व सरपंच दुष्यंत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। साकेतनगर थाना पुलिस ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत हिरासत में लिया है। मामले की जांच अब ब्यावर के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) राजेश कसाना करेंगे। थानाधिकारी जितेंद्र फौजदार ने बताया कि माइनिंग विभाग की महिला कर्मचारी अनिता मीरचंदानी की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई। दुष्यंत सिंह को पहले शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। बाद में, साकेतनगर पुलिस ने प्रोटेस्ट वारंट के जरिए केंद्रीय कारागृह से उसे बीएनएस 2023 की धारा 121(1), 132, 221, 74, 79, 324(4), 324(5), 351(2), 115(2), 303(2), 125 और एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(r), 3(1)(s), 3(2)(va) के तहत दोबारा गिरफ्तार किया। घटना में घायल हुए माइनिंग विभाग के कर्मचारी अनिता मीरचंदानी और प्रितेश का मेडिकल परीक्षण करवाया जा चुका है। उनके बयान भी दर्ज किए गए हैं। एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के कारण इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए जांच का जिम्मा डीएसपी राजेश कसाना को सौंपा गया है। इस बीच, ब्यावर राजपुताना मैंस एंड मिनरल के अध्यक्ष राधावल्लभ माहेश्वरी ने बताया कि जिन माइन धारकों को खनन पट्टे जारी हो चुके हैं, वे लंबे समय से अपना काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा लगातार खनन कार्यों में बाधा डाली जा रही है, जबकि क्षेत्र में अवैध रूप से मैसनरी स्टोन निकाला जा रहा है। माहेश्वरी ने आरोप लगाया कि माइन धारकों ने एक वर्ष से अधिक समय में करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि राजकोष में जमा कराई है, फिर भी खनन कार्य बाधित है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई सरकारी कर्मचारी मौके पर जाता है, उसके साथ गाली-गलौच और मारपीट की स्थिति बन जाती है। अवैध खनन को लेकर पहले भी मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन ग्रामीण एकजुट होकर सरकारी कर्मचारियों को भगा देते हैं। हाल ही में जोधपुर से आई ड्रोन सर्वे टीम के साथ भी कुछ ग्रामीणों ने दुर्व्यवहार किया था।


