हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने गुरुवार को ग्राम सोडलपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक एक अव्यवस्थित स्थिति में मिला। यह केंद्र एक कच्चे मकान में संचालित हो रहा था, जहां न तो पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था थी और न ही कोई सूचना पटल प्रदर्शित किया गया था। बच्चों की उपस्थिति भी कम पाई गई और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी अनुपस्थित थीं। कलेक्टर जैन ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिकारियों को आंगनवाड़ी केंद्र पर तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मामले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता का वेतन काटने और विभागीय परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया। इसके बाद, कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक तीन का भी निरीक्षण किया और वहां की बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने पोषणाहार वितरण और टीकाकरण जैसे कार्यों की नियमितता की भी पड़ताल की। स्वास्थ्य केंद्र और छात्रावास भी पहुंचे
अपने भ्रमण के दौरान, कलेक्टर ने टिमरनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध उपचार सुविधाओं की समीक्षा की और एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती बच्चों को मिल रही सुविधाओं को देखा। कलेक्टर ने भर्ती बच्चों की जानकारी विभागीय ऐप पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने टिमरनी स्थित उत्कृष्ट बालक छात्रावास, सीनियर अनुसूचित जाति बालक छात्रावास और महाविद्यालयीन आदिवासी बालक छात्रावास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे विद्यार्थियों के आवास, भोजन और अध्ययन व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर ने छात्रावासों में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ग्राम सोडलपुर में, कलेक्टर ने शासकीय टोडरमल पटेल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं का जायजा लिया और शिक्षकों को बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम लाने के लिए अभी से कड़ी मेहनत करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास, टेमागांव का भी निरीक्षण किया और वहां उचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बालिकाओं की आवासीय और भोजन व्यवस्था का भी अवलोकन किया।


