नीमच के वीरेंद्र कुमार सकलेचा शासकीय मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को व्यवस्थाएं चरमरा गईं। दो महीने से वेतन का इंतजार कर रहे 78 आउटसोर्स कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। हैदराबाद की कंपनी ‘एजाइल सिक्योरिटी फोर्स प्राइवेट लिमिटेड’ की मनमानी के खिलाफ महिला सफाईकर्मियों और सुरक्षा गार्डों ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें लगातार काम के लिए मजबूर किया जाता है, लेकिन वेतन देने में कंपनी प्रबंधन ‘तारीख पर तारीख’ देता है। लगभग 12 लाख रुपए का वेतन बकाया होने के कारण कर्मचारियों ने अब किसी भी आश्वासन को मानने से इनकार कर दिया है। महिला कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पूरा पैसा उनके बैंक खाते में नहीं आ जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगी। इस पूरे संकट की जड़ें हैदराबाद से लेकर रतलाम कार्यालय तक फैली हुई हैं, जहां से इन कर्मचारियों का प्रबंधन किया जाता है। हैरानी की बात यह है कि इस अव्यवस्था की मार केवल निचले कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि सुपरवाइजर प्रदीप देवड़ा पर भी पड़ी है, जिन्होंने खुद स्वीकार किया कि उन्हें भी महीनों से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं होगा मामले की गंभीरता को देखते हुए सीटू (CITU) के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ठाकुर और सुनील शर्मा भी कॉलेज परिसर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि कर्मचारियों का यह आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह मामला विधायक दिलीप सिंह परिहार तक भी पहुंच चुका है और उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया गया है, लेकिन धरातल पर गतिरोध अब भी बरकरार है।


