सीजी बोर्ड की दसवीं-बारहवीं परीक्षा शुरू होने में कुछ दिन बचे हैं। बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए थोड़ी राहत भरी खबर है। बोर्ड का रिजल्ट साल दर साल बढ़ रहा है। पिछले 9 सालों में दसवीं का रिजल्ट 20 प्रतिशत से ज्यादा और बारहवीं का 7 फीसदी से अधिक बढ़ा है। सीजी बोर्ड 2025 की परीक्षाएं 1 मार्च से शुरू होगी। इस बार 5 लाख 71 हजार छात्रों ने आवेदन किया है।
वर्ष 2016 से लेकर 2024 तक यानी पिछले 9 वर्षों के बोर्ड एग्जाम के नतीजों का एनालिसिस किया गया। इससे पता चला कि वर्ष 2016 में दसवीं में पास होने वाले छात्रों की संख्या 55.32 फीसदी था। वह 2024 में बढ़कर 75.61 प्रतिशत हो गई। हालांकि, 2015 और इसके पहले दसवीं का रिजल्ट करीब 50 फीसदी के आस-पास रहता था। बड़ी संख्या में छात्र फेल होते थे। 2017 में रिजल्ट 60 प्रतिशत से अधिक हुआ। इसके बाद से नतीजे लगातार बढ़ रहे हैं। 2020 में दसवीं में पास होने वाले छात्रों की संख्या 70 फीसदी तक पहुंची। कोरोना की वजह से 2021 में दसवीं के एग्जाम नहीं हुए। तब असाइनमेंट के आधार पर नतीजे जारी किया गया। इसमें सभी छात्र पास हुए। वर्ष 2022 में 74.23 और वर्ष 2023 में 75.05 और 2024 में भी 75 फीसदी से अधिक रहा। 12वीं में पिछली बार 80% से ज्यादा पास हुए
बारहवीं का रिजल्ट लगातार बढ़ रहा है। पिछले 9 वर्षों में 73 प्रतिशत से बढ़कर 80 फीसदी से अधिक हो गया है। हालांकि, बारहवीं में पहले भी 70 प्रतिशत से अधिक छात्र पास होते थे। वर्ष 2016 में रिजल्ट 73 फीसदी था। 2018 में रिजल्ट 75 प्रतिशत से अधिक हुआ। 2022 में 79.30 और 2023 में 79.96 प्रतिशत रहा। इसी तरह पिछली बार 80 फीसदी से अधिक छात्र पास हुए। जानकारों का कहना है कि बारहवीं में न सिर्फ पास होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है, बल्कि फर्स्ट डिवीजन आने वाले भी बढ़ रहे। दसवीं-बारहवीं में 27 हजार कम हुए परीक्षार्थी
दसवीं-बारहवीं सीजी बोर्ड एग्जाम में परीक्षार्थियों की संख्या 27 हजार तक कम हुए हैं। पिछली बार की परीक्षा में 5 लाख 98 हजार छात्र शामिल हुए थे। इस बार 5.71 लाख छात्रों ने फॉर्म भरा है। दसवीं की परीक्षा में इस बार 3 लाख 30 हजार छात्र हैं। पिछली बार 3.40 लाख थे। इसी तरह बारहवीं के लिए 2.41 लाख छात्रों ने आवेदन किया है। पिछली बार 2.58 लाख परीक्षार्थी थे। बारहवीं की परीक्षा 1 मार्च से और दसवीं की परीक्षा 3 मार्च से शुरू होगी। परीक्षा के लिए प्रदेश में ढ़ाई लाख से अधिक केंद्र बनाए गए हैं।


