छत्तीसगढ़ के नए पुलिस मुखिया 1992 बैच के आईपीएस अफसर अरुण देव गौतम को बनाया गया है। मंगलवार को डीजीपी अशोक जुनेजा का कार्यकाल खत्म हो गया। उनकी विदाई के साथ सरकार ने अस्थाई तौर पर गौतम को पुलिस महानिदेशक पुलिस बनाया है। देर शाम गौतम ने 12वें डीजीपी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल ली है। हालांकि यूपीएससी को चार लोगों का नाम भेजा गया है। इसमें अरुण देव गौतम के अलावा डीजी पवन देव, हिमांशु गुप्ता और एडीजी जीपी सिंह का नाम शामिल है। वहां से डीजीपी का नाम फाइनल होकर आएगा। इसलिए सरकार ने अस्थाई तौर पर गौतम को जिम्मेदारी दी हैं। आईपीएस जुनेजा के रिटायरमेंट के बाद राज्य में डीजी का एक पद खाली होने के बाद आईपीएस जीपी सिंह को डीजी बनाया गया है। डीजीपी के साथ गौतम डीजी नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा, संचालक लोक अभियोजन की भी जिम्मेदारी संभालेंगे।
7 जिलों में एसपी रह चुके हैं गौतम
अविभाजित मध्यप्रदेश में अरुण देव भोपाल के पहले एसपी बने। छत्तीसगढ़ गठन के बाद वे कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर एसपी रहे। डीआईजी बनने के बाद पुलिस मुख्यालय में सीआईडी, योजना प्रबंधन, प्रशासन और सीएम सुरक्षा में भी पदस्थ रहे। इसके बाद बिलासपुर आईजी बने। झीरम कांड के बाद उन्हें बस्तर आईजी बनाया गया। इसके बाद वे रेलवे, प्रशिक्षण, भर्ती और यातायात शाखाओं के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक रहें। एडीजी बनने के बाद गृह सचिव, जेल व परिवहन विभाग का भी दायित्व संभाला।


