छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने बागी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। दोनों दलों ने कुल 27 कार्यकर्ताओं को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इन कार्यकर्ताओं में कई पूर्व पार्षद भी शामिल हैं, जो विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान ये सभी कार्यकर्ता अपनी-अपनी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते दोनों राजनीतिक दलों ने इन बागी नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई पार्टी में अनुशासन बनाए रखने और भविष्य में इस तरह की बगावत को रोकने के लिए की गई है। दरअसल, धमतरी जिले में नगरीय निकाय चुनाव व त्रिस्तरीय चुनाव को लेकर भाजपा-कांग्रेस ने एक्शन लिया है। जिसमें पार्टियों के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने और अनुशासन भंग करने के कारण भाजपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों में आधा-आधा दर्जन से ज्यादा कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। चुनाव 11 फरवरी को होने हैं और चुनाव के एक सप्ताह पहले यह निर्णय लिया गया है। चुनावी माहौल के बीच कार्यकर्ताओं के निष्कासन से पार्टी को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। और बागी प्रत्याशी चुनाव के समीकरण को बिगाड़ सकते हैं। भाजपा के बागी प्रत्याशी सहित ये कार्यकर्ता छह साल के लिए निष्कासित भारतीय जनता पार्टी ने निष्कासन आदेश जारी किया है, जिसमें पार्टी ने नगरी निकाय चुनाव 2025 के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने और अनुशासन भंग करने के आरोप में कुछ कार्यकर्ताओं को 6 वर्षों के लिए पार्टी के प्राथमिक सदस्य से निष्कासित कर दिया है। इनमें से नगर पालिका निगम धमतरी के बागी प्रत्याशी गौतम ध्रुव, परमेश्वर वर्मा, रीना सोनवानी, सुरेश गुप्ता, धर्मिन जोगी, प्रकाश सिन्हा, बसंती बाई साहू, सुनीता यादव, राजकुमार भूटान, पूर्णिमा देवांगन और नगर पंचायत आमदी के प्रेम साहू शामिल हैं। इसी तरह नगर पंचायत मगरलोड में बेदम चौहान, यशवंत कोसले, राजू राव, अशोक साहू, योगेश्वर साहू और वैष्णव शरण साहू को भी निष्कासित किया गया है। इन सभी बागी प्रत्याशियों में कुछ पूर्व में पार्षद या पार्टी के विभिन्न पदों पर कार्यरत थे। भाजपा के प्रदेश महामंत्री रामु रोहरा ने कहा कि पार्टी के चुनाव चिन्ह के खिलाफ चुनाव लड़ना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है, और इसलिए प्रदेश भाजपा ने 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को 6 वर्षों के लिए निष्कासित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई कार्यकर्ता पार्टी के खिलाफ काम करता है, तो उसके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि चुनावी माहौल में पार्टी के खिलाफ काम करना पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाता है। कांग्रेस के बागी प्रत्याशी समेत इन कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर निकाला वहीं, कांग्रेस ने भी निष्कासन का आदेश जारी किया है। कांग्रेस ने नगरी निकाय चुनाव में पार्टी निर्णय के खिलाफ जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले नेताओं को 6 वर्षों के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया है। इनमें बागी प्रत्याशी जावेद खत्री, साहिल अहमद, मंजूलता गायकवाड, पवन यादव, दुष्यंत घोरपडे, संजीदा बेगम, रामेश्वरी बसंत सिन्हा, पवन लिखी, मदन नेवारे और नगर पंचायत कुरुद के योगेश चंद्राकर (गुरूजी) शामिल हैं।


