करौली पुलिस को साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर लोगों से मोटी रकम ऐंठने वाले एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश पर ‘ऑपरेशन एंटी वायरस 2.0’ के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जडेजा ध्रुवराजसिंह दिग्विजयसिंह उर्फ जैसल (28) के रूप में हुई है। वह गुजरात के राजकोट जिले के आशापुरा कुपा, उदयनगर क्षेत्र का निवासी है। साइबर पुलिस थाना करौली की टीम ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को विभिन्न तरीकों से डराकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देता था। इसके बाद वह उनसे बड़ी रकम की ठगी करता था। यह गिरोह लोगों को कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे ऐंठता था। इस मामले का खुलासा 19 अक्टूबर 2024 को हुआ था, जब परिवादी डॉ. ओमप्रकाश महावर ने 6 लाख 98 हजार रुपये की साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। इस गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वर्तमान में गिरफ्तार आरोपी जैसल भी इसी गिरोह का एक सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। करौली साइबर पुलिस थाना की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।


