नगर निकाय चुनाव में जीते वार्ड पार्षदों के शपथ ग्रहण के दिन ही नगर निगम के उप महापौर और नगर परिषद व नगर पंचायतों के उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। सभी 48 निकायों में 27 मार्च तक यह चुनाव कराने का लक्ष्य रखा गया है। कोई भी निर्वाचित पार्षद यह चुनाव लड़ सकेगा। इसमें आरक्षण नहीं होगा। परोक्ष रूप से होने वाले इस चुनाव में सिर्फ वार्ड पार्षद ही वोट डाल सकेंगे। महापौर और अध्यक्ष इस चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। अगर दो प्रत्याशियों को बराबर वोट मिले तो लॉटरी से उप महापौर और उपाध्यक्ष का फैसला होगा। रिटर्निंग अधिकारी की देखरेख में होने वाले इस चुनाव में मतदान के तुरंत बाद मतगणना होगी, फिर परिणाम जारी होगा। हर नगर निकाय में यह चुनाव अलग-अलग दिन होंगे। शुरुआत 17 मार्च से होगी और 27 मार्च तक पूरी होगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने बताया कि वार्ड पार्षदों के निर्वाचन की घोषणा के एक महीने के भीतर उप महापौर और उपाध्यक्ष का चुनाव कराने का नियम है। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय के आदेश पर यह चुनाव हो रहा है। उच्च न्यायालय ने 30 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराकर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। कांग्रेस: सहयोगी दलों से बात कर तय करेंगे कांग्रेस अभी भी उधेड़बुन में है। पार्टी का प्रयास है कि पहले सहयोगी दलों से बात कर स्थिति स्पष्ट करे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पार्टी आगे का रास्ता तय करेगी। वैसे, पार्टी की तैयारी पूरी है। भाजपा: रोशनी-अशोक में एक को समर्थन रांची नगर निगम के महापौर पद पर भाजपा रोशनी खलखो या अशोक बड़ाईक को समर्थन दे सकती है। गुरुवार को रांची महानगर जिले में इसके लिए रायशुमारी हुई। इसमें इन दोनों के नाम पर सबसे ज्यादा सहमति बनी। अब शनिवार को इस मुद्दे पर प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक होगी, जिसमें फैसला लिया जाएगा। 27 मार्च तक चुनाव का लक्ष्य, बराबरी हुई तो लॉटरी से फैसला झामुमो इस बार अलग फॉर्मूले पर काम कर रहा है। पार्टी का प्रयास है कि एक वार्ड से एक ही व्यक्ति को समर्थन दिया जाए। इसके लिए पार्टी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के निर्देश पर रांची के 53 वार्डों को चार जोन में बांटकर जोनल प्रभारी बनाया गया है। प्रत्याशियों की सूची तैयार है। जहां जिच है, वहां सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।


