हाईकोर्ट को जानकारी दी कि कांके थाना के प्रभारी पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई

झारखंड उच्च न्यायालय में गुरुवार को दामोदर नाथ शाहदेव की ओर से दायर हेबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति ए. के. राय की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से अदालत को बताया गया कि कांके थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, याचिकाकर्ता के पुत्र देवब्रत नाथ शाहदेव को एक अन्य मामले में, खूंटी थाना कांड संख्या 03/2026 में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इसके बाद अदालत ने कहा कि अब इस मामले में आगे सुनवाई का कोई औचित्य नहीं है। अदालत ने हेबियस कॉर्पस याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले सुनवाई के दौरान न्यायालय के आदेश पर रांची एसपी न्यायालय में उपस्थित हुए। रांची। झारखंड उच्च न्यायालय में गुरुवार को साहिबगंज जिले में पहाड़िया जनजाति के लोगों के खिलाफ उत्पीड़न व बुनियादी सुविधाओं से वंचित किए जाने के मामले की सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की अदालत ने सुनवाई करते हुए इस मामले को काफी गंभीर माना। अदालत ने कहा कि साहिबगंज में कुछ लोग कानून को हाथ में लेकर समानांतर प्रशासन चला रहे हैं। यह संविधान से प्राप्त मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। अदालत ने इस मामले में आरोपी सफीकुल शेख, जलील शेख और काशिम शेख की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और पहाड़िया समुदाय को सुरक्षा देने को कहा।

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