सुस्त ठेकेदारों पर सख्ती, गैर-जिम्मेदार एजेंसियांे को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश

राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन की अध्यक्षता में गुरुवार को समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित सिविल निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी जिलों के सहायक अभियंताओं (एई) और कनीय अभियंताओं (जेई) ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए स्वीकृत योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का बारीकी से विश्लेषण करना था। समीक्षा के दौरान शशि रंजन ने उन ठेकेदारों और एजेंसियों के प्रति कड़ा रुख दिखाया, जिन्हें कार्यादेश प्राप्त होने के बावजूद कार्य की गति धीमी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि गैर-जिम्मेदार एजेंसियों को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। सरकारी संसाधनों का समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निदेशक ने सभी अभियंताओं को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों के ठेकेदारों और एजेंसियों के साथ बैठक कर लंबित कार्यों को पूर्ण कराएं और समय पर उपयोगिता प्रतिवेदन राज्य मुख्यालय को भेजें। उन्होंने सचेत किया कि वित्तीय पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालयों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शशि रंजन ने स्कूल बाउंड्री निर्माण में आ रही स्थानीय बाधाओं पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर विवादों का समाधान करें और निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ करें, ताकि विद्यालय परिसरों की सुरक्षा की जा सके। निदेशक ने सभी अभियंताओं को मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को समय सीमा पर पूरा किया जा सके।

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