कासं|सवाईमाधोपुर विशेष न्यायालय पोक्सो ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म करने के दो किशोर आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 66-66 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। विशिष्ट लोक अभियोजक पोक्सो कमलेश कुमार गुर्जर ने बताया कि 3 अगस्त 2020 को परिवादी ने कोतवाली थाने में नाबालिग बेटी के साथ इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि नाबालिग 17 जुलाई 2020 को दोपहर 12 बजे शौच के लिए जंगल में गई थी। इसी दौरान तीन लोगों ने उसे पकड़ लिया और एक सुनसान बाड़े में ले गए, जिसमें एक कमरा था। दो व्यक्तियों ने नाबालिग बालिका की गर्दन पर चाकू रखा और कहा कि चिल्लाई तो जान से मार देंगे। तेरे भाई व पिता को भी मार देंगे। दोनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। एक कमरे के बाहर पहरा देता रहा। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष पेश किया। इस पर विशेष न्यायालय पोक्सो ने उभयपक्षों की दलीलें सुनने के बाद दो नाबालिग आरोपियों को दोषी करार देते हुए धारा 363/34, 366/34, 376डीए एवं 5जी/6, 16/17 भादस में 20-20 वर्ष का कठोर कारावास व 66-66 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। न्यायालय द्वारा एक आरोपी को पूर्व में आजीवन कारावास व 75 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है।


