गीजगढ़ | कस्बे के बावड़ी बालाजी मंदिर के समीप स्थित दादाभाई देव दरबार में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का समापन शुक्रवार को भंडारे एवं पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा। कथा में प्रवचन देते हुए व्यास मंजू माधवी ने कहा कि दूसरों के सुख में सुखी और दूसरों के दुख में दुखी होना ही संतों का सच्चा लक्षण है। सच्चे मन से भागवत कथा श्रवण कर उसके अनुसार जीवन में आचरण करने वाला मानव मोक्ष को प्राप्त करता है।


