गहलोत राज में बने जिलों को खत्म करने का विरोध अब भी कई जगह जारी है। भीलवाड़ा के शाहपुरा में जिला निरस्त करने के विरोध में 34 दिनों से आंदोलन चल रहा है। शाहपुरा अभिभाषक संस्था के नेतृत्व में कई दिनों से आंदोलन जारी है। इसी कड़ी में शाहपुरा नगर परिषद के पांच पार्षदों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले पार्षदों में कांग्रेस के डॉ.मोहम्मद इसाक खान कायमखानी, मुबारिक हुसैन रंगरेज, रुखसाना बानो, मधु शर्मा और निर्दलीय पार्षद अमजद खान कायमखानी शामिल हैं। इस्तीफा देने से पहले सभी पार्षदों ने त्रिमूर्ति स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और फिर ढोल-नगाड़ों के साथ उपखंड कार्यालय पहुंचे। सभापति के ऑफिस बाहर बजाए ढोल
डॉ.मोहम्मद इसाक खान कायमखानी ने बताया-दोपहर 1 बजे जिला बचाओ संघर्ष समिति, अधिवक्ता संघ और पांचों पार्षदों नगर परिषद पहुंचे। जहां आयुक्त रिंकल गुप्ता और सभापति रघुनंदन सोनी को इस्तीफा सौंपने पहुंचे। इसके बाद ढोल बजाकर अपना विरोध जताया और परिषद ऑफिस के बाहर सीढियों पर सभापति और आयुक्त का इंतजार करने लगे। इस दौरान जब सभापति को फोन किया गया तो उन्होंने राजकीय कार्य से बाहर होने का हवाला दिया। एसडीएम को सौंपा इस्तीफा
डॉ.कायमखानी ने बताया-इसके बाद दोपहर 2 बजे एसडीएम ऑफिस पहुंचे। इसके बाद एसडीएम को पांचों पार्षदों का इस्तीफा दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं की ओर से एसडीएम को राज्यपाल के नाम जिले का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया। इस दौरान वरिष्ठ पार्षद हमीद खा कायमखानी ने कहा-जल्द ही कुछ और पार्षद भी इस्तीफा दे सकते हैं। बता दें कि शाहपुरा नगर परिषद में कुल 35 पार्षद हैं। जिसमें से 22 बीजेपी, कांग्रेस के 8 और निर्दलीय की संख्या 5 है। इसमें से आज 4 कांग्रेस और एक निर्दलीय पार्षद ने इस्तीफा दे दिया है। ये रहे मौजूद
इस दौरान संघर्ष समिति के अशोक भारद्वाज, कांग्रेस नगर अध्यक्ष बालमुकुंद तोषनीवाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य संदीप जीनगर, अविनाश शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल शर्मा, जिला प्रॉपर्टी संघ के अध्यक्ष राजेंद्र बोहरा समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। नगर परिषद सभापति रघुनंदन सोनी ने बताया कि वे राजकीय कार्य से बाहर होने के कारण कार्यालय में उपस्थित नहीं थे।


