राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को विधानसभा परिसर में एसएस जैन सुबोध पीजी महाविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. श्वेता शर्मा की नव प्रकाशित पुस्तकों का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने डॉ.श्वेता को रचनात्मक प्रयास के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इस मौके पर सुधीर कुमार शर्मा आशा शर्मा और कुशाग्र शर्मा मौजूद रहे। डॉ.श्वेता ने ‘राजस्थान का आर्थिक इतिहास: 19वीं सदी का समृद्धि अध्ययन’ और ‘मध्यकालीन भारतीय इतिहास’ लिखी है। उन्होंने देवनानी को बताया कि ‘पश्चिमी राजस्थान का आर्थिक इतिहास: 19वीं सदी का समृद्धि अध्ययन’ पुस्तक पश्चिमी राजस्थान की आर्थिक संरचना और उसकी प्रगति को ऐतिहासिक दृष्टिकोण से समझाने का एक प्रयास है। इसमें 19वीं सदी के दौरान इस क्षेत्र की आर्थिक प्रणाली, व्यापारिक गतिविधियां, कर ढांचा और सांस्कृतिक समृद्धि का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। यह अध्ययन न केवल क्षेत्रीय व्यापार मार्गों और कृषि व्यवस्था की गहराई से पड़ताल करता है, बल्कि उन शक्तियों का भी खुलासा करता है जो सामंती शासन की आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की ओर प्रेरित थी। जबकि ‘मध्यकालीन भारतीय इतिहास’ पुस्तक मध्यकालीन भारतीय इतिहास का एक व्यापक अवलोकन प्रदान करती है, जो 8वीं से 18वीं सदी तक की घटनाओं को शामिल करती है। इसमें क्षेत्रीय साम्राज्यों के उदय, दिल्ली सल्तनत की स्थापना और मुगल साम्राज्य की नींव की प्रमुख घटनाओं की चर्चा की गई है। पुस्तक के प्रमुख विषयों में महमूद गज़नी और मुहम्मद गोरी के आक्रमणों का प्रभाव, दिल्ली सल्तनत के दौरान केंद्रीकृत प्रशासन और सांस्कृतिक विकास, और सूफीवाद के सामाजिक-धार्मिक प्रभाव शामिल हैं। पुस्तक का समापन दिल्ली सल्तनत के पतन और बाबर की ओर से 1526 में मुगल साम्राज्य की स्थापना के साथ होता है, जो राजनीतिक एकीकरण और सांस्कृतिक समन्वय की एक नई अवधि की शुरुआत थी।


