बाबा राइस मिल ग्रुप और एजेंटों के 42 ठिकानों पर आयकर का छापा

आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा (रांची) ने गुरुवार सुबह झारखंड और बिहार में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान रांची, जमशेदपुर, पटना, गया और औरंगाबाद में बाबा राइस मिल ग्रुप और चावल के बड़े आढ़तियों (कमीशन एजेंट) के खिलाफ एक साथ 42 ठिकानों पर छापेमारी की गई। आयकर विभाग की इस कार्रवाई के दायरे में चावल के 15 बड़े आढ़तियों को शामिल किया गया है, जिनके सबसे अधिक ठिकाने गया और औरंगाबाद में बताए जा रहे हैं। रांची में आयकर विभाग की टीम ने नगड़ी, कांके रोड, हरमू रोड और बरियातू इलाके में स्थित बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली। इन ठिकानों पर कंपनी के प्रबंध निदेशक योगेश साहू, निदेशक एस मोहंती, राज कुमार लाखोटिया, संचिता जायसवाल, मनीष कुमार, राखी साहू, एकता साहू व अमित कुमार और कंपनी के सीएफओ ज्ञान प्रकाश साहू से जुड़े परिसरों को खंगाला गया। आयकर की टीम अहले सुबह करीब 7 बजे एक साथ सभी ठिकानों पर पहुंची, जिससे कारोबारी हलकों में हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान आयकर अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, कंप्यूटर रिकॉर्ड, बिल बुक और डिजिटल लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। वहीं, जमशेदपुर के बिष्टुपुर इलाके में स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज कुमार के आवास पर भी आयकर की टीम ने दबिश दी, जहां बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। इस पूरे अभियान में आयकर विभाग के 500 से अधिक अधिकारियों को लगाया गया है, जो कार्रवाई के व्यापक स्तर को दर्शाता है। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान चावल के कच्चे व्यापार यानी अनअकाउंटेड ट्रेड से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों में करोड़ों रुपये के लेनदेन का विवरण दर्ज है, जिसे औपचारिक खातों में नहीं दिखाया गया था। छापेमारी दो से तीन दिन तक और चल सकती है, क्योंकि बरामद कागजात और डिजिटल डेटा की मात्रा काफी अधिक है। आयकर को संदेह: कच्चे कारोबार से की गई कर चोरी बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग प्रा. लि. का वार्षिक टर्नओवर करीब 300 करोड़ से 1500 करोड़ रुपये के बीच आंका जा रहा है। बाबा एग्रो फूड के जरिए सामान्य और बासमती चावल का बड़े पैमाने पर व्यापार किया जाता है, जबकि बाबा फूड प्रोसेसिंग कंपनी आटा, सूजी और मैदा का उत्पादन व बिक्री करती है। आयकर विभाग को संदेह है कि इन कंपनियों और उनसे जुड़े आढ़तियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर कच्चा कारोबार और कर चोरी की गई है, जिसकी परत-दर-परत जांच अब शुरू हो चुकी है। छापेमारी की सूचना मिलते ही सीए हुए फरार आयकर की छापेमारी की सूचना मिलते ही बाबा ग्रुप और चावल आढ़तियों से जुड़े कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट और अकाउंट्स से जुड़े लोग फरार हो गए। आयकर विभाग ने उनकी पहचान कर ली है और उनकी तलाश जारी है। माना जा रहा है कि फरार लोगों के पास कच्चे कारोबार से जुड़े डिजिटल और वित्तीय सबूतों की अहम जानकारी हो सकती है। आयकर अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि कच्चे चावल कारोबार के जरिए कहीं बेनामी निवेश या हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। अधिकारियों का मानना है कि छापेमारी अभी चल सकती है, क्योंकि बरामद दस्तावेजों की मात्रा काफी अधिक है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग की यह कार्रवाई झारखंड-बिहार के चावल व्यापार में बड़े कर चोरी सिंडिकेट का पर्दाफाश कर सकती है। बाबा राइस मिल के सीए मनोज चौधरी के जमशेदपुर आवास में खड़ी पुलिस।

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