बजट सत्र का आज पांचवा दिन:प्रधानमंत्री ने चौथे दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दिया था, शीशमहल और विरासत की राजनीति का जिक्र किया

संसद के बजट सत्र में आज पांचवे दिन की कार्यवाही होगी। बुधवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की वोटिंग के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित रही। इससे पहले 4 फरवरी को बजट सत्र के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दिया था। पीएम मोदी ने अपनी 1:35 घंटे की स्पीच में नाम लिए बिना गांधी परिवार, केजरीवाल और विपक्ष के नेताओं के आरोपों के जवाब दिए। मोदी ने केजरीवाल का नाम लिए बिना कहा था- हम जहर की राजनीति नहीं करते हैं। हम देश की एकता को सर्वोपरि रखते हैं और इसलिए सरदार पटेल का दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू बनाते हैं। संसद का बजट सत्र शुक्रवार (31 जनवरी) से शुरू हुआ है। पहला सत्र 31 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा सत्र 10 मार्च से 14 अप्रैल तक होगा। इस सत्र में 16 बिल आ सकते हैं। जिसमें से 12 बिल 2024 के मानसून और विंटर सेशन में लाए गए थे। 4 फरवरी : राहुल के 3 आरोपों पर पीएम का जवाब अखिलेश ने महाकुंभ हादसे पर 2 मिनट मौन की मांग की चौथे दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा सपा सांसद अखिलेश यादव ने शुरू की थी। अखिलेश ने महाकुंभ हादसे पर 2 मिनट मौन की मांग करते हुए कहा था कि अगर सत्ता पक्ष के मन में अपराध बोध नहीं है तो आंकड़े छिपाए क्यों जा रहे हैं। स्पीकर ने इससे इनकार कर दिया। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोले लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- बेरोजगारी समस्या का समाधान न तो कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार कर पाई, और न ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA की सरकार। सरकार का मेक इन इंडिया आइडिया फेल साबित हुआ। पूरी खबर पढ़ें… राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 29 जनवरी को महाकुंभ में हुई भगदड़ में हजारों लोग मारे गए थे। सरकार को बताना चाहिए कि सच्चाई क्या है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने उन्हें बयान (हजारों लोगों की मौत) वापस लेने को कहा। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट पेश, ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स नहीं वित्त मंत्री सीतारमण ने ₹50.65 लाख करोड़ का बजट पेश किया। बजट में नौकरीपेशा के लिए 12.75 लाख और बाकी करदाताओं के लिए 12 लाख रुपए तक की आय टैक्स फ्री करने का ऐलान किया। सीतारमण ने इलेक्ट्रिक कार, मोबाइल और LED सस्ते होने का रास्ता खोला। कैंसर और कुछ जरूरी दवाओं के दाम भी कम होने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सीतारमण की तारीफ करते हुए इसे आम आदमी का बजट बताया था। जबकि विपक्ष ने इसे निराशजनक बताया था। अरविंद केजरीवाल ने कहा था- देश के खजाने का एक बड़ा हिस्सा चंद अमीर अरबपतियों के कर्जे माफ करने में चला जाता है। पूरी खबर पढ़ें… 31 जनवरी : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों को संयुक्त अभिभाषण दिया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा के जॉइंट सेशन में 59 मिनट का अभिभाषण दिया था। उन्होंने सरकार की सभी क्षेत्रों की उपलब्धियों के बारे में चर्चा की। उनके इस अभिभाषण पर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणी पर विवाद हो गया। सोनिया गांधी ने द्रौपदी मुर्मू के लिए बेचारी शब्द इस्तेमाल किया। वहीं राहुल ने भाषण को बोरिंग बताया। वहीं निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा था कि राष्ट्रपति रबर स्टैंप की तरह हैं। वे बस लव लेटर पढ़ती रहती हैं। भाजपा ने इसे आदिवासी समाज का अपमान बताया और माफी की मांग की। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा कि राष्ट्रपति के लिए ऐसे बयान गरीबों और आदिवासियों का अपमान है। वहीं राष्ट्रपति भवन के प्रेस सेक्रेटरी ने भी सोनिया गांधी के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- विपक्षी सांसदों का बयान दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रपति की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। पूरी खबर पढ़ें…

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