शिवना नदी के तट पर आस्था, शिल्प और साधना का संगम बनकर उभर रहे ‘पशुपतिनाथ लोक’ का गुरुवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण किया। यह भव्य परिसर मंदसौर की आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई दे रहा है। महाकाल लोक की तर्ज पर दो साल में इसका निर्माण पूरा हुआ है। 6.2 एकड़ में फैला यह लोक श्रद्धालुओं के लिए तैयार है। राजस्थान के लाल पत्थरों से सजी इसकी संरचना पारंपरिक नक्काशी कला की अद्भुत मिसाल है। विशेष लाइटिंग और यहां के इतिहास को दर्शाती चित्रकला अष्टमुखी शिवलिंग: मंदिर में भगवान शिव की दुर्लभ 8 मुखों वाली शिवलिंग स्थापित है। विशेष लाइटिंग, पशुपतिनाथ के इतिहास को दर्शाती चित्रकला, 22 फीट ऊंचा त्रिनेत्र इसे आध्यात्मिक अनुभूति देता है। इस लोक को बनाने में करीब 25 करोड़ खर्च हुए हैं।


