नवनिध हासोमल लखानी पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आज साधु वासवानी सदन द्वारा एक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के जांबाज़ों के पराक्रम व शौर्य का स्मरण करते हुए विद्यार्थियों ने देश की स्वतंत्रता और विजय के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती, मां भारती एवं संत शिरोमणि हिरदाराम साहब के छायाचित्रों के सम्मुख दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य अमृता मोटवानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि विजय दिवस हमें देश की स्वतंत्रता और विजय के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले शहीदों को याद करने का अवसर प्रदान करता है। हमें उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। विद्यालय की शिक्षिका शालिनी तलरेजा ने अपने संबोधन में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सन् 1971 के युद्ध के कारण, दुष्परिणामों और भारतीय सेना की अविस्मरणीय विजय से छात्राओं को अवगत कराया। कक्षा छठवीं व सातवीं की छात्राओं द्वारा देश भक्ति एवं मातृभूमि की रक्षा पर आधारित एक लघु नाटिका प्रदर्शित की गई। इसी श्रृंखला में कक्षा तीसरी ‘अ’ की छात्रा इशिका विश्वकर्मा व तीसरी ‘ब’ की छात्रा आदिति जैन द्वारा भारत के वीर सेनानियों की शौर्य गाथा से संबंधित सुंदर कविता प्रस्तुत की गई। इन प्रस्तुतियों ने विद्यालय के संपूर्ण प्रांगण को देशभक्ति के भाव से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर विद्यालय की एनसीसी कैडेट की छात्राओं द्वारा एनसीसी कैंप में अर्जित किए गए विभिन्न पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में शहीद हेमू कालानी एजुकेशन सोसाइटी के सचिव घनश्याम बूलचंदानी , उपसचिव के एल रामनानी, विद्यालय की प्राचार्य, उपप्राचार्य, समस्त शिक्षिकाएं एवं कक्षा 1 से 12वीं तक की छात्राएँ उपस्थित हुईं।


