भास्कर न्यूज | बालोद जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी जागेश्वर मंडावी (21) को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6 के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व एक हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने की स्थिति मंे 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दंडित करने का निर्णय लिया गया। विशेष लोक अभियोजक बसंत कुमार देशमुख के अनुसार वर्ष 2023 में नाबालिग पीड़िता का पड़ोस में रहने वाले आरोपी से बातचीत होती थी। आरोपी ने शादी करने का झांसा देकर पीड़िता के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाया। जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। अगस्त 2024 में पेट में दर्द होने पर वह बाथरूम जा रही थी। इस दौरान नवजात गर्भ से बाहर निकल गया, तब वह घर में बिना किसी को बताए नवजात को घर के पीछे रखकर आरोपी को जानकारी दी लेकिन आरोपी ने टालमटोल किया। जिसके बाद पीड़िता ने अपने माता-पिता को घटना के बारे में जानकारी दी। परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया। पुलिस ने धारा 378 (2) (एन) एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4, 5 (जे) (2)/6 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश किया। प्रकरण में मिले सबूत के आधार पर आरोपी को दंडित किया गया।


